रिपोर्ट हरेंद्र बिष्ट।
थराली। पिंडर घाटी में बारिश से नुकसान का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बारिश के कारण सड़कों में मलवा आने के कारण जहां सामान्य यातायात प्रभावित हुआ है।वही भूस्खलन के कारण आवासीय मकान भी खतरे की जद में आने लगें हैं।
रविवार -सोमवार की रात को हुई भारी बारिश के कारण सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग तलवाड़ी के पास बंद हो गया था।जिसे कड़ी मशक्कत के बाद करीब 7 घंटे बाद यातायात के लिए खोल दिया गया हैं। लोनिवि थराली के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि बारिश के कारण नंदादेवी राजजात राजमार्ग थरली-देवाल-वांण किमी 33,35 एवं 43 में पेड़ों के गिरने, बोल्डर, पत्थरों एवं मलवा आने के कारण अवरूद्ध हो गया था।जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं। देवाल -खेता मोटर सड़क जोकि स्लाइड जोन सुयालकोट में अवरूद्ध था उसे रविवार को खोल दिया गया था। किंतु सोमवार को पुनः सड़क बंद हो गई है। पहाड़ी से पत्थरों के गिरने से जेसीबी मशीन काम नही कर पा रही हैं। इसी तरह थराली -कुराड़ मोटर सड़क किमी एक में पेड़ आने से बंद हो गई थी उसे दोपहर को यातायात के लिए खोल दिया गया हैं। नलगांव -भटियाणा सड़क किमी 2,3,5 एवं 8 में बंद पड़ी है जिसे खोलने के प्रयास जारी हैं। थराली -पैनगढ़ मोटर सड़क पर प्राणमती नदी में आई बाढ के कारण 35 लाख से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सहायक अभियंता टम्टा ने बताया कि सड़क के पहुंच मार्ग में जह दिवारों, पुलिया बहने के कारण करीब 25 लाख की क्षति पहुंची है वही निर्माणाधीन बैलीब्रज का एंकर टावर के बहने एवं बैलीब्रज के कुछ पार्टों के बहने के कारण 10 लाख का नुकसान हुआ हैं। बैलीब्रज के पार्टों को सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है। बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
उधर देवाल विकास खंड के अंतर्गत हरनी गांव में भूस्खलन होने के कारण बलवीर सिंह की गौशाला क्षतिग्रस्त हो गई है। राजस्व उपनिरीक्षक हरीश कुमार पोखरियाल ने बताया कि गौशाला एवं आवासीय मकान के पीछे हो रहे भूस्खलन के कारण आवासीय मकान को भी खतरा बन गया है। पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।









