डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से प्रत्येक पोस्ट की समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित व व्यावहारिक समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जवानों का कल्याण, उच्च मनोबल और सशक्त संवाद व्यवस्था ही बल की वास्तविक ताकत है। बृहस्पतिवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश की सभी पोस्टों से अधिकारी और कार्मिक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए व्यापक रणनीतिक तैयारियों की समीक्षा की गई। यात्रा मार्गों पर संभावित प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं व अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत व सक्रिय बनाने, पर्वतीय तथा हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू प्रबंधन को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सम्मेलन में एसडीआरएफ के लिए नए आपदा-उपकरणों की खरीद, आधुनिक तकनीक के समावेशन तथा संसाधनों के उन्नयन पर भी चर्चा हुई। वर्तमान व प्रस्तावित निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बल की परिचालन क्षमता और अधिक सशक्त हो सके। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विश्वास और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। इस अवसर पर उपसेनानायक शांतनु पाराशर, निरीक्षक राजीव रावत आदि मौजूद रहे।












