कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। सर्वोदय के स्तम्भ चकबंदी आंदोलन के प्रणेता वयोवृद्ध गणेश सिंह ‘गरीब’ (90 वर्ष) को मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी फरीदाबाद द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्माननित किया गया है, यह सम्मान वृद्धावस्था के कारण उनके न जा पाने पर उनके पोते धनन्जय नेगी ने प्राप्त किया। यह उपाधि उन्हें चकबंदी एवं सामाजिक कमी कल्याणकारी कार्यों हेतु प्रदान की गई है। श्री गरीब गत 6 दशकों से चकबंदी के लिए आंदोलनरत हैं जिसमे उन्हें आंशिक सफलता भी मिली है उनका मानना है कि चकबंदी होने से पहाड़ों से पलायन पर रोक लगेगी व एकत्रित खेती होने से स्वावलंबन की ओर बढ़ेंगे व रिवर्स पलायन होगा। डॉ. नन्दकिशोर ढौंडियाल ‘अरुण’ ने कहा कि ‘गरीब’ जी उम्र के इस पड़ाव में भी सरलता, सादगी व कर्मठता के साथ कार्य कर रहे हैं, प्रमुख समाजसेवी सत्यप्रकाश थपलियाल ने कहा कि गरीब जी का मानना है कि विश्व मे दो ही वर्ग हैं – अमीर व गरीब। गढ़वाल सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष डॉ० सुरेन्द्र लाल आर्य ने कहा कि गरीब जी गांधी – विनोबा की बगिया के फूल हैं।












