कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। कांग्रेसियों ने कांग्रेस कार्यालय में समाजवादी नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उ. प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 37 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज ही के दिन 17 मार्च 1989 को राजनीति के सितारे हेमवती नंदन बहुगुणा का निधन हो गया था, राजनीतिक क्षितिज पर परचम लहराने वाले स्व. बहुगुणा ने देश की राजनीति में भी प्रभावी रहते हुए, अपने मुख्यमंत्रीत्व काल में बिशम भौगोलिक स्थितियों वाले पर्वतीय अंचल में विकास की अवधारणा के अनुरूप उप्र में ही पर्वतीय संवर्ग एवं पर्वतीय विकास मंत्रालय की स्थापना की थी, जो आगे चलकर उनका यह योगदान पर्वतीय प्रदेश की प्रभावी मांग के रूप में तब्दील हुआ। 25 अप्रैल 1919 को बुगाणी पौड़ी गढ़वाल में जन्मे स्व. बहुगुणा ने प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी एवं उच्च शिक्षा इलाहाबाद में ग्रहण की, 1942 गांधी जी के भारत छोड़ो आंदोलन में सम्मिलित रहे और 1952 में उ.प्र. में विधायक बनने के साथ 1973 में उप्र के मुख्यमंत्री के साथ ही केंदीय मंत्री भी रहे, गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना भी की। इस अवसर पर रंजना रावत कांग्रेस पूर्व मेयर प्रत्याशी, पाती राम ध्यानी, बलबीर सिंह रावत, प्रेम सिंह पयाल, लक्ष्मी चौहान, शीला भारती, बीरेंद्र सिंह रावत, विनोद रावत एवं नरेंद्र सिंह नेगी पूर्व प्रधान, चंद्रमोहन रावत, कै रणबीर सिंह रावत, देवेन्द्र सिंह नेगी, प्रदीप नेगी, भारत सिंह नेगी, जावेद हुसैन, कृपाल सिंह नेगी, महाबीर सिंह नेगी, भीमेंद्र पवांर, मनबर सिंह रावत, त्रिवेंद्र सिंह, मनोज कुमार, त्रिलोक सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।












