डोईवाला (प्रियांशु सक्सेना)। बालावाला स्थित सैनिक कालोनी में आयोजित देवभूमि महासभा उत्तराखंड की बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, राज्य की पर्वतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा क्षेत्रीय समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने पर विस्तृत चर्चा की गई। मंगलवार को आयोजित बैठक में क्षेत्रीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इस दौरान बालावाला सैनिक कालोनी पार्क निर्माण, यात्री विश्राम गृह, सीवेज कार्य के बाद सड़कों में बने गड्ढों की समस्या तथा क्षतिग्रस्त मार्गों के शीघ्र निर्माण की मांग शामिल रही। इसके अलावा युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस योजनाएं बनाने पर भी विचार किया। बैठक में पलायन, बढ़ती बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की खस्ताहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष प्रमोद कपरवाण शास्त्री ने कहा कि संगठन उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और जनहित के मुद्दों को लेकर निरंतर सक्रिय रहता है तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए आगे भी प्रभावी पहल करेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। मुख्य अतिथि मोहित उनियाल ने कहा कि महासभा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्रीय विकास के लिए मजबूत आवाज उठाएगी। समाज के गरीब, शोषित एवं वंचित वर्ग, विशेषकर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के साथ ही हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही गंगा-जमुनी संस्कृति एवं उत्तराखंड की समृद्ध पौराणिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए महासभा निरंतर कार्य करेगी। बैठक में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के संघर्ष को याद करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान पर चर्चा की गई। मौके पर उपाध्यक्ष राजेंद्र सेमवाल, पार्षद देवी दयाल, धर्म गुरु राजेंद्र प्रसाद मैठाणी, पूर्व प्रधान मूलचंद सिलसवाल, अरुण पाल, सचिन उनियाल, राहुल सिंह खरोला, एसएन ढौंढियाल, भारत शर्मा, केपी कपरवान, मुकेश भट्ट, सतीश शाही, कैप्टन गब्बर सिंह रावत, गोविंद सिंह रावत, आनंद सिंह रावत आदि थे।












