रोबिन वर्मा।उत्तराखंड समाचार
उत्तरकाशी। मत्स्य पालन विभाग उत्तरकाशी के द्वारा मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पांच दिवसीय फील्ड भ्रमण / एक्सपोजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ 15 मार्च को हुआ और समापन 20 मार्च शुक्रवार को हुआ।
मत्स्य अधिकारी सुरेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड मत्स्य विभाग राज्य के मछली पालकों को उन्नत तकनीक (जैसे केज कल्चर, बायोफ्लॉक) सिखाने और क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए पांच दिवसीय फील्ड भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। इस कार्यक्रम के तहत किसान राज्य के अंदर और बाहर फिल्ड भ्रमण कर मछली के बीज उत्पादन, प्रबंधन और नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं।
इस दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी प्रगतिशील किसानों के मत्स्य फॉर्म और हेचरी का फील्ड भ्रमण किया और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला जिले के एक दर्जन से अधिक निजी मत्स्य फार्मो और सरकारी मत्स्य फॉर्म का फील्ड भ्रमण किया , सिलाई सिरमौर में प्रगतिशील मत्स्य पालक राजपाल के निजी ट्राउट फिश फॉर्म और शिमला जिले के कुद्दू में प्रगतिशील मत्स्य पालक दीपक के ट्राउट फिश फार्म और धमवाड़ी में हिमाचल सरकार के ट्राउट फिश फार्म सहित एक दर्जन से अधिक फेस फॉर्म का भ्रमणकर व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान अर्जुन पंवार ,निखिल नौटियाल, रोबिन नौटियाल, शिवम आदि किसानों ने मत्स्य पालन विभाग उत्तरकाशी का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम होने चाहिए इससे हम लोगो ने मत्स्य पालन की व्यवहारिक तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सफल मत्स्य फलों के मत्स्य फॉर्म देखें जहां पर मत्स्य पालन से होने वाली आमदनी, प्रबंधन रखरखाव आदि की जानकारी प्राप्त की। और इस तरह के प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष होने चाहिए इससे नवीन तकनीकी की जानकारी मिल सके।












