डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। विकासखंड में बीते बृहस्पतिवार और शुक्रवार देर शाम तक रुक-रुक कर हुई लगातार बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। डोईवाला ब्लॉक में लगभग 1300 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है, जिस पर बारिश का प्रतिकूल असर पड़ा है। विकासखंड के दुधली, शेरगढ़, माजरी, धार्मुचक, रानीपोखरी समेत कई इलाकों में गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार, फसल पकने की अवस्था में थी, ऐसे में मौसम की मार से भारी नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च माह में हुई यह बारिश गेहूं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, जबकि अन्य फसलों के लिए लाभकारी है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल गिर जाती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। इसके अलावा आम और लीची के बौर गिरने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय किसान दर्पण बोरा ने बताया कि डोईवाला ब्लॉक किसान बाहुल्य क्षेत्र है और यहां की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का तहसील स्तर पर सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल ने बताया कि तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल गिरने पर नुकसान होता है। वहीं, इस समय हुई बारिश से आलू, गन्ना और अन्य फसलों को लाभ मिल सकता है। हल्की बारिश फलदार पेड़ों के लिए भी फायदेमंद होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फलदार पेड़ों में वृद्धि वर्धक (ग्रोथ प्रमोटर) का उपयोग करें, ताकि बौर और फल सुरक्षित रह सकें।












