हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने थराली एवं चेपड़ो के आपदा प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने सीधे आपदा पीड़ितों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं,इस दौरान पूर्व सीएम ने ने सरकार के आपदा प्रबंधन नीति पर सवाल उठाते हुए मुआवजे और सुरक्षा कार्यों को लेकर पूरी इमानदारी से धरातल पर नही उतारने का आरोप लगाया।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार की देर शांय थराली क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे, पहले उन्होंने थराली मुख्य बाजार में जनसंपर्क कर पीड़ितों का हालचाल जाना उसके बाद वें देर सांय आपदा प्रभावित चेपड़ो गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी व्यथा जानी,रावत ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ न्याय नहीं कर रही है और मुआवजे के नाम पर केवल खानापूर्ति करने में लगीं हैं। उन्होंने कहा कि थराली बाजार पूरी तरह आपदा की चपेट में आ चुका है, जबकि पिंडर नदी के किनारे लगातार हो रहा कटाव एक नए खतरे की ओर इशारा कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि थराली क्षेत्र में भू-धंसाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक बाढ़ सुरक्षा या स्थायी समाधान के कोई ठोस कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।इसी तरह चेपड़ो की भी स्थिति बनी हुई हैं, वहां पर क्षतिग्रस्त दुकानों का अब-तक मुवावजा नही दिया जाना पीड़ितों के साथ सरकार का भद्दा मजाक हैं, पूर्व सीएम रावत ने अपनी सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में आपदा के दौरान प्रभावितों को 5 लाख रुपये के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये और केंद्र से भी सहायता दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार केवल सीमित मुआवजा देकर लोगों को नजर अंदाज कर रही है। उन्होंने सरकार पर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नीति अपनाना गलत हैं,सभी आपदा पीड़ितों के साथ एक सी नीति अपनाने की बात की।
पूर्व मुख्यमंत्री के दौरें के दौरान थराली कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनोद रावत,देवाल अध्यक्ष कमल गड़िया,थराली प्रमुख प्रवीण पुरोहित,थराली नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, थराली के पूर्व प्रमुख सुशील रावत, सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महावीर बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत,अब्बल सिंह गुसाईं,गोदांबरी रावत, गोविंद सिंह पांगती, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप दानू आदि ने पूर्व सीएम को आपदा पीड़ितों की समस्यायों से रूबरू करवाते हुए पीड़ितों की पीड़ा को सरकार के सम्मुख उठाने की मांग की।











