हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। नशे में धुत्त एक डंपर चालक एवं खराब 108 आपातकालीन वाहन के कारण एक 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार रविवार को ग्वालदम -सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्वालदम के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया इस हादसे में 18 वर्षीय मोटर साइकिल सवार मनीष सिंह पुत्र कैलाश सिंह निवासी ग्राम गलाई कंधार जिला बागेश्वर ग्वालदम से तलवाड़ी की ओर तेज गति से आ रहे डंपर यूके 14 सीए 1921 की चपेट में आ गया जिस कारण युवक बुरी तरह से जख्मी हो गया।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार डंपर के टायरों ने मोटरसाइकिल सवार युवक की जांघो को बुरी तरह से रौद दिया था। इसके बाद स्थानीय लोग घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्वालदम लें गए।इस बीच दुर्घटना की सूचना मिलते ही थराली थाने से थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया पुलिस टीम के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्वालदम पहुंचे जहां पर चिकित्सक की राय पर उन्होंने घायल को 108 आपातकालीन सेवा के जरिए हायर सेंटर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ , बागेश्वर भिजवा दिया। किंतु होनी को कुछ और ही मंजूर था।108 बामुश्किल 12 किमी कंधार नामक कस्बे में ही पहुंच पाया था कि अचानक 108 का इंजन बंद हो गया।चालक के तमाम प्रयासों के बावजूद 108 ठीक नही हो पाईं आनन-फानन में बैजनाथ से दूसरी 108 वाहन मंगाया गया।इस दौरान करीब एक घंटा बीत गया इस दौरान घायल युवक 108 में ही दर्द से छटपटाता रहा और जब तक बैजनाथ से 1080 कंधार पहुंची तब तक दर्द से तड़पते हुए युवक की दर्दनाक मौत हों गई। दूसरी ओर थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने डंपर चालक को अपने कब्जे में लिया आशंका होने पर चालक का मेडिकल परीक्षण करवाने के लिए लेजाया गया। आशंका जताई जा रही हैं कि चालक नशे की हालत में वाहन को चला रहा था।18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत के बाद जहां नशे का सेवन कर वाहनों को चलाने की पोल खोल दी हैं। वही स्वास्थ्य विभाग इस क्षेत्र के वासिंदो के प्रति कितना गंभीर हैं,12 किमी की दूरी पर ही 108 के खड़े हो जाने से लाया जा सकता हैं। बताया जा रहा है कि थराली तहसील क्षेत्र के अधिकांश 108 वाहनों की मेंटेनेंस अपेक्षा के अनुरूप नही हो पा रही हैं, जिससे रोगियों को लेजाते हुए इनके सड़क किनारे खड़ा हो जाना आम बात हो गई है।माना जा रहा है कि समय पर 108 घायल को बैजनाथ अस्पताल पहुंचा देता तों युवक की जान बच सकती थी।












