हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट। थराली। लोनिवि के अधिक्षण अभियंता 7 वां वृत्त गोपेश्वर ने श्री नंदादेवी राजजात के तहत थराली -देवाल-मंदोली-वांण मोटर मार्ग पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए कार्य में गुणवत्ता लाने, होली के बाद कार्य में तेजी लाएं जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिना विभागीय इजाजत के कार्यों को सब पेटी कांटेक्ट पर नही दिया जा सकता हैं। लोनिवि गोपेश्वर के अधिक्षण अभियंता राजेश चंद्रा ने थराली से देवाल तक राजजात यात्रा के तहत किए जा दिवालों, स्कवरों, नालियों सहित अन्य निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद लोनिवि थराली के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एससी ने कहा कि दिवालों के निर्माण कार्यों में अनियमित की शिकायतें मिल रही थी जिस पर वें निरीक्षण पर पहुंचे हैं, स्लाइड जोन किमी 3 में दिवालों के बजाय बैक कटिंग के लिए उन्होंने सर्वे करने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने पूछें जाने पर कहा कि कंपनी बिना विभाग की अनुमति के कार्यों को सब लेट नही कर सकता हैं, और 25 प्रतिशत से अधिक कार्य को किसी कीमत पर वह पेटी पर नही दे सकता हैं, बताया कि होली के बाद वें तुरंत फिर सड़क का निरीक्षण करेंगे,इस दौरान ठेकेदार को भी साथ में रखा जाएगा उन्होंने कहा कि सब लेट की जांच करवाएंगे। बताया कि उन्होंने सहायक अभियंता और जेईयों को साईड रजिस्टर बनाने और साईड पर काम करने वाले व्यक्ति का विवरण, मजदूरों का विवरण सहित अन्य जानकारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि सब लेट का पता चल पाए, पूछें जाने पर कहां कि विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों को ठेकेदार ने हो सकता हैं,बतौर कर्मचारी रख लिया हों तो तब सब लेट का मामला समाप्त हो जाता हैं।
कहा कि सड़क पर केसी ड्रेन नालीयों का निर्माण करवाया जाएगा, जहां पर यूं आकार की नालीयां बनाई जाएगी उसे ऊपर से कवर किया जाएगा ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके।इस मौके पर अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र, सहायक अभियंता बबिता सहित तमाम अन्य अभियंता एससी के दौर के समय मौजूद थे। ठेकेदारों ने आपदा के दौरान किए गए कार्यों का 6 माह बाद भी भुगतान नही होने का मामला अधिक्षण अभियंता राजेश चंद्रा के सम्मुख उठाया, बताया कि एकाउंटेंट के कारण भुगतान नही हो पा रहा है। जिस पर एससी ने अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र को अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए ठेकेदारों को रूकें भुगतान एवं आपदा के दौरान कराएं गए कार्यों के आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए।इस मौके पर ठेकेदार राकेश जोशी, हरेंद्र कोटेड़ी, धीरेन्द्र रावत,अब्बल पिमोली,प्रेम बिष्ट, अब्बल गुसाईं, उमेश देवराड़ी भगवती पांडे, प्रताप राम आदि ठेकेदार मौजूद थे।












