प्रियांशु सक्सेना /डोईवाला। डोईवाला विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाने की दिशा में वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं पूर्व क्षेत्रीय विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा डोईवाला में बस अड्डा निर्माण की सैद्धांतिक घोषणा की गई थी। इस घोषणा के तहत लच्छीवाला स्थित रेशम विभाग की भूमि पर बस अड्डा बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। शासन स्तर से निर्देश जारी होने के बाद डोईवाला तहसील प्रशासन ने रेशम विभाग की लगभग दो एकड़ भूमि परिवहन विभाग को आवंटित भी कर दी थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते इस भूमि पर बस अड्डे का निर्माण नहीं हो सका। घोषणा के करीब आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद डोईवाला में बस अड्डा निर्माण केवल फाइलों तक ही सीमित रह गया है और प्रशासन अब तक केवल भूमि तलाशने की प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है। लंबे समय से क्षेत्रवासी डोईवाला में बस अड्डा बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक यह मांग धरातल पर पूरी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि डोईवाला में बस अड्डा बनता है तो पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में बस अड्डा न होने के कारण यात्रियों को सर्दी, गर्मी और बरसात में सड़कों पर खड़े होकर लंबे समय तक बस का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासी जाहिद अंजुम, सावन राठौर और बलबीर सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर को वर्षों बाद भी बस अड्डे जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। बस अड्डा न होने के कारण यात्रियों को डोरमेट्री, वेटिंग एरिया, कैफेटेरिया, बसों की सर्विस लाइन और पर्याप्त पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे रोजाना यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं कुलजीत सिंह, उमेद बोरा और आशा सेमवाल का कहना है कि बस अड्डा नहीं होने के कारण कई बार यात्रियों को चलती बसों में चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क पर बसों के रुकने से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। नगरवासी फुरकान अहमद, सोनी कुरैशी और गोपाल शर्मा ने सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि डोईवाला क्षेत्र में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, सिपेट, शुगर मिल, प्रसिद्ध नेचर पार्क जैसे कई महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद होने के बावजूद यात्रियों की बुनियादी सुविधा के लिए आज तक बस अड्डे का निर्माण नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री की घोषणा को कई वर्ष बीत जाने के बाद भी बस अड्डा केवल आश्वासनों तक सीमित है, जिससे क्षेत्र की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। “डोईवाला में बस अड्डे के निर्माण के लिए सड़क से सटी, आसानी से पहुंच योग्य और विधिक रूप से हस्तांतरण योग्य भूमि की तलाश की जा रही है। भूमि चयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वह मुख्य मार्ग के समीप हो, ताकि बसों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही में किसी प्रकार की असुविधा न हो। ऑन-रोड उपलब्धता, ट्रैफिक व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। जैसे ही उपयुक्त भूमि चिन्हित होगी, प्रस्ताव शासन को भेजकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने कहा कि डोईवाला में बस अड्डे का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में लच्छीवाला स्थित रेशम विभाग की भूमि इसके लिए आवंटित की गई थी, लेकिन वैकल्पिक भूमि न होने का हवाला देकर विभाग ने असहमति जता दी। उन्होंने बताया कि भूमि तलाश को लेकर एमडीडीए और उप जिलाधिकारी के साथ बैठक भी की गई है। विधायक ने कहा कि डोईवाला एक प्रमुख केंद्र है और सरकार उपयुक्त भूमि की तलाश में जुटी है।












