हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर आरएसएस ने इसे शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसी क्रम में आरएसएस के द्वारा थराली में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन कर हिन्दू धर्म को मजबूत बनाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की गई इस अवसर पर नंदादेवी यात्रा की झांकी सहित तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
गुरुवार को रामलीला मैदान थराली में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता आरएसएस के नवीन चन्द्र सिलोड़ी ने कहा कि हिन्दू धर्म विश्व के श्रेष्ठ धर्मों में से एक हैं, हिन्दू धर्म मानवता के संरक्षण का संदेश देता हैं, उन्होंने हिन्दू धर्म का प्रचार प्रसार करने के साथ ही इसे मजबूत बनाने पर बल दिया।इस मौके पर आरएसएस के नवीन सिलोड़ी ने आरएसएस की स्थापना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक सौ सालों के दौरान आरएसएस ने एक से बढ़कर एक उल्लेखनीय कार्य कर पूरे विश्व में अपना डंका बजाया हैं। उन्होंने हिन्दू धर्म की एकता पर बल देते हुए कहा कि जिस तरह से अन्य धर्मों के द्वारा हिन्दू धर्म पर हमले किए जा रहे हैं, उससे बचने के लिए सभी हिन्दुओं को एक जुट होना पड़ेगा।
इस अवसर पर शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद गोस्वामी, थराली भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बिष्ट,कुलसारी के अध्यक्ष गिरीश चमोली, अनिल देवराड़ी,भरत शाह, भारती नेगी,गंगा सिंह बिष्ट,भरत नेगी, राकेश भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष रणजीत सिंह नेगी आदि ने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के खंड संचालक खीमानंद खंडूरी ने मुख्य अतिथियों सहित अन्य अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर एवं उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया,इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर थराली के छात्र छात्राओं, महिला मंगल दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत नंदादेवी राजजात यात्रा की झांकी की प्रस्तुति के साथ ही झोड़ा, चांचरी सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।












