फोटो- श्री बदरीनाथ धाम मे इस वर्ष के दूसरे हिमपात का दृष्य ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। नीती-माणा घाटियों व बदरीनाथ धाम में हुआ जमकर हिमपात। औली फिर भी बर्फबारी से अछूता ही रहा। ऊॅचाई वाले क्षेत्रो मे इस वर्ष के दूसरे हिमपात के बाद पूरे इलाके मे कडाके की ठंड शुरू हो गई है।
मौसम विज्ञान के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलावार सुबह से ऊॅचाई वाले क्षेत्रों मे हिमपात शुरू हो गया था। जो अपरान्ह तक जारी रहा। श्री बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब-लोकपाल, फूलों की घाटी के साथ ही नीती,माणा घाटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ ली है। प्रख्ंाड के दूरस्थ क्षेत्र डुमक, कलगेाठ,चिनाप वैली-थैंग मे भी ताजे हिमपात की सूचना है।
इन सभी ऊॅचाई वाले स्थानों मे हिमपात तो हुआ लेकिन साढे दस हजार फीट की ऊॅचाई पर स्थित विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र इस बार भी बर्फबारी से अछूता ही रहा। सुबह मौसम के मिजाज को देखकर तो लग रहा था कि औली ही क्या जोशीमठ तक भी बर्फबारी होगी। लेकिन दोपहर होते-होते बर्फबारी की आशाएं पूरी तरह धूमिल हो गई। औली मे रोप-वे के दंस नंबर टावर से आगे गोरसों की ओर हल्की बर्फबारी हुई। जो मात्र आधा इंच भी नहीं जम सकी कि मौसम खुलने लगा और बर्फबारी बंद हो गई।
विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली ने इस बार पर्यटको को खूब छकाया। 25दिसबंर से ही औली मे पर्यटको का जमावडा शुरू हो गया था। जो निंरंरत जारी है। ना ही 25दिसम्बंर को बर्फबारी हुई और ना ही नए साल के जश्न के दौरान। अब उम्मीद थी कि इस बार तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी औली के लिए भी सच साबित होगी जो नही हो सकी। हाॅलाकि मौसम अभी भी बदला हुआ है। और यदि मौसम का रूख यही रहा तो देर रात्रि तक औली मे हिमपात हो भी सकता है।
बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब-लोकपाल व अन्य ऊॅचाई वाले क्षेत्रों मे जमकर हिमपात होने के बाद निचले इलाको मे कडाके की ठंड शुरू हो गई है। लोग घरो मे दुबकने को विवश हो गए है। तो बाजारो मे भी सन्नाटा पसरा है। इस सबके वावजूद पर्यटको को बर्फ की चाह मे औली पंहुचने का क्रम निंरतर जारी है।











