
फोटो–
01-नीती घाटी के तमक में पत्थरों की वर्षात लगातार जारी, सडक मलबे में तब्दील हुई।
02-सड़क जल्द खोलने व हेली सेवा शुरू करने की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजते पूर्व मंत्री भंडारी व अन्य।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। लगातार ग्यारहवें दिन भी बंन्द रही भारत-तिब्बत सीमा को जोडने वाली सडक। नीती घाटी में फॅसे लेागों को सकुशल लाने के लिए शनिवार को भी नहीं हो सकी हेली सेवा। संचार, विद्युत व स्वास्थ्य सुविधा से बाधित हुई नीती घाटी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर तत्काल हेली सेवा शुरू करने की मांग की है।
भारत-चीन सीमा से सटे नीती व बाडाहोती बार्डर को जोडने वाला एक मात्र सडक मार्ग सुराईथोटा से आगे तमक मे बन्द है। तमक चटटान से लगातार आ रहे मलबे व बोल्डर ने सडक को पूरी तरह से मलबे मे तब्दील कर दिया है,, इस स्थान पर ग्याहरेव दिन तक भी किसी प्रकार के विकल्प की कोई गुजांइस नही दिख रही है। बीआरओ व ग्रामाीणोे ने चटटान के टॉप पर जाकर सर्वेक्षण किया, लेकिन चटटान के ऊपरी ओर मोटी-मोटी दरारें पडने से मलबे को एक साथ विस्फोट के माध्यम से खाली कराने का भी कोई विकल्प नही है, और ना ही इस स्थान पर कहीं और से कटिंग कर मार्ग आवाजाही के लिए तत्काल तैयार किया जा सकता है। बीआरओ भी पत्थरो की वर्षात रूकने की प्रतीक्षा कर रहा है।
बीते 11दिनों से तमक से आगे नीती तक दर्जनो गॉवों के ग्रामीण विन विजली व संचार की समस्या से तो जूझ ही रहे है, उनके पास खाद्यान्न सामग्री व स्वास्थ्य सुविधा की कोई ब्यवस्था है भी या नही इसकी भी जानकारी नही मिल पा रही है। कई बडे बुजुर्ग व कर्मचारी वार्षिक पूजाओं व स्वतंत्रता दिवस के लिए नीती घाटी पंहुचे थे, जो अब पिछले 11दिनो से वही फॅस गए है। नीती घाटी के ग्रामीणों को सकुशल लाने के लिए घाटी के प्रधान व जनप्रतिनिधि हेली सेवा शुरू करने की मांग कर रहे है, लेकिन अभी तक भी हेली सेवा शुरू नही हो सकी। इस बीच शनिवार को पूर्व कैबनेट मंत्री राजेन्द्र भंण्डारी के नेतृत्व मे नीती घाटी के प्रधानो व कांग्रेस पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंण्डल ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेज वैकल्पिक ब्यवस्था किए जाने तक हेली सेवा तत्काल शुरू करने की मांग की है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि 11दिनो से नीती घाटी के लोग किस हाल मे है किसी को जानकारी नही है, ना वहॉ विद्युत है ओर ना ही संचार। घाटी के लोग कई दिनो से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए हेली सेवा की मांग कर रहे है, लेकिन शासन/प्रशासन की ओर से इस दिशा मे कोई कार्यवाही नही की गई। ज्ञापन मे कहा है कि यदि दो दिनो के भीतर हेली सेवा शुरू नही हुई तो ग्रामीणो को आन्दोलन के लिए बाध्य होना पडेगा, तथा यदि हेली सेवा के अभाव मे घाटी मे कोई जनहानि हुई तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन/प्रशासन की होगी।
इधर बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल के अनुसार तमक मे पत्थरो की वर्षात रूकने के बाद ही सउक को खोला जा सकता है, इसके अलावा उस स्थान पर तत्कालिक कोई भी विकल्प मौजूद नही है, उन्होने कहा कि उनकी टीम द्वारा सभी एंगिल से सर्वेक्षण किया जा चुका है, चटटान के ऊपरी ओर दरारे आने से चटटान को अन्दर की काटने व विस्फोट करने की कोई गुजाइंस नही है,। फिलहाल वे भी पत्थरो की वर्षात रूकने का इंतजार कर रहे है।









