हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
पिछले 36 घंटों के दौरान पिंडर घाटी में हुई भारी बारिश एवं क्षेत्र के उच्च हिमालई क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के कारण जहां अचानक ठंड बढ़ गई हैं, वही बारिश के कारण क्षेत्र की तमाम सड़कों पर मलवा, पत्थरों के आने के कारण सामान्य यात्रा पर विपरीत प्रभाव पड़ा हैं। कर्णप्रयाग से देवाल आने वाली 33 केवी बिजली लाइन में कई जगहों पर फाल्ट आने के कारण 20 घंटों तक बिजली गुल रही, जिससे नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार की तड़के करीब 3 बजें से पिंडर घाटी के नीचलें क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई, जबकि रूपकुंड, ज्यूरागली,होमकुंड़ सहित अन्य उंचाई पर बसी पहाड़ियों में बर्फबारी शुरू हो गई जिस कारण क्षेत्र में ठंड काफी अधिक बढ़ गई हैं। 36 घंटों से बारिश होने के कारण धान,मडूवा, सहित तमाम दालों की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका के चलते किसानों में मायूसी छाने लगी हैं। लगातार बारिश के कारण ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा थराली -देवाल-वांण, ग्वालदम -नंदकेशरी राजमार्गों पर मलवा पत्थरों के आने के कारण सामान्य यातायात संचालन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है,लोक निर्माण विभाग थराली के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि राज्य मार्गों के अलावा ग्रामीण सड़कों पर भी मलवा आने, पत्थरों के आने, सड़कों पर भूस्खलन एवं भूमिधंसाव भी हुआ हैं, नारायणबगड़-किमोली मोटर सड़क के किमी 7 में करीब 40 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोनिवि सामान्य यातायात बहाली में जुटा हुआ हैं।तेज बारिश के कारण कर्णप्रयाग 132 केवी बिजली स्टेशन से 33 केवी नारायणबगड़, थराली एवं देवाल को आने वाली 33 केवी बिजली लाइन में फाल्टों के आने के कारण 20 घंटों से अधिक समय तक पिंडर घाटी के तीनों विकास खंडों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी रही, हालांकि रविवार दोपहर करीब एक बजें तीनों ब्लाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई हैं।











