
थराली से हरेंद्र बिष्ट।
पिंडर घाटी के देवाल एवं थराली विकासखंडों में विद्युत आपूर्ति एक बार फिर से पिछले 26 घंटों से अधिक समय से ठप पड़े होने के कारण दोनों विकासखंडों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आये दिन घंटों तक बिजली गुल रहने से आम उपभोक्ताओं में विद्युत ऊर्जा निगम के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह करीब 10 बजे अचानक देवाल एवं थराली विकासखंडों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली विभाग के द्वारा बताया गया कि नारायणबगड़ से थराली के झुड़कधार नामक स्थान पर स्थापित 33 केवी सब स्टेशन को आने वाली बिजली लाईन पर बारिश के कारण एक पेड़ गिरने से दोनों विकासखंडों की बिजली आपूर्ति ठप हुई है। बताया गया कि बुधवार देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। किंतु देर रात ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ताओं को सूचित किया गया कि बिजली की आपूर्ति गुरुवार ही हो पाएगी। इस संबंध में पूछे जाने पर ऊर्जा निगम के थराली के कनिष्ठ अभियंता हेमंत चमोला ने बताया कि झुड़कधार नामक स्थान पर पेड़ गिरने से 33 केवी बिजली लाईन क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे ठीक किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते फैलाव के बाद सरकार के द्वारा तमाम पाबंदियां, स्कूल, कालेजों को बंद कर अधिकांश कामों के साथ ही छात्र, छात्राओं की पढाई आनलाईन किए जाने की घोषणा के बाद से ही पिंडर घाटी में आये दिन बिजली की छोटी.बढ़ी बिजली लाइनों में फाल्ट आ जाने के कारण घंटों बिजली आपूर्ति ठप होना एक आम बात हो गई है। जिस का खामियाजा छात्र.छात्राओं के साथ ही आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। थराली के पूर्व प्रमुख सुशील रावत, विनोद रावत, देवाल के पूर्व प्रमुख डीडी कुनियाल, उर्मिला बिष्ट, देवाल कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, जिपंस आशा धपोला आदि ने राज्य सरकार एवं ऊर्जा निगम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रति माह लाइनों की मरम्मत एवं लाईनों के आसपास लापिग के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। किंतु धरातल पर कुछ भी नही किया जा रहा हैं।इसी का परिणाम है कि आये दिन पिंडर घाटी में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रहना आम बात हो गई हैं।इस का खामियाजा आम जनता को अंधेरे में रहने के साथ ही तमाम महत्वपूर्ण पूर्ण कार्यों के लंबित होने के रूप में चुकाना पड़ रहा हैं। नेताओं ने कहा कि महामारी के इस दौर में भी विद्युत ऊर्जा निगम के द्वारा न्यूनता सुविधा भी उपलब्ध नही किए जाने की स्थिति में मजबूरन आम जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।











