• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

सदियों का संकल्प सिद्धी को प्राप्त हो रहा राम मंदिर

25/11/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
6
SHARES
7
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
रामनगरी की बिगड़ने में तो देर नहीं लगी, किंतु बनने के लिए उसे सदियों तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। एक मार्च 1528 को वह चंद घंटे का अभियान था, जब बाबर के सेनापति मीर बाकी ने तोप के गोलों से रामजन्मभूमि पर बने मंदिर को ध्वस्त किया और इसी के बाद से अस्मिता पर आघात से खोया गौरव वापस पाने का शुरू हुआ अभियान अनेक उतार-चढ़ावो से गुजरता हुआ सुदीर्घ काल तक चला।497 वर्ष सात माह और 22 दिन बाद मंगलवार को राम भक्तों के लिए वह स्वर्णिम और निर्णायक घड़ी आएगी, जब भव्य राम मंदिर के स्वर्ण शिखर पर प्रधानमंत्री के हाथों ध्वजारोहण के साथ रामनगरी की बिगड़ी शत-प्रतिशत पूर्णता के साथ संवरेगी। रामजन्मभूमि मुक्ति का सुदीर्घ संघर्ष अदम्य साहस और सतत प्रतिबद्धता के साथ ऊबन, घुटन और हताशा का भी उदाहरण प्रस्तुत करने वाला रहा है। नौ नवंबर 2019 को रामलला के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के कुछ पूर्व तक भी अंतिम रूप से यह नहीं कहा जा सकता था कि मंदिर बनेगा ही। 464 वर्ष बाद छह दिसंबर 1992 को मस्जिद का बाना पहनाए गए बिखंडित भवन से मुक्ति तो मिली, किंतु बाद के 27 वर्ष तक रामलला को तंबू-कनात के अस्थायी मंदिर में रहना पड़ा। ऐसे में भव्य मंदिर की बात तो दूर, रामलला के लिए कामचलाऊ मंदिर की परिकल्पना भी राम भक्तों को राहत देने लगी थी। यद्यपि रामजन्मभूमि न्यास ने 1989 में ही रामजन्मभूमि पर नागर शैली के भव्य मंदिर का मानचित्र तैयार करा लिया था, किंतु लंबी प्रतीक्षा के चलते इस पर अमल होने का विश्वास डगमगा रहा था। मानचित्र के अनुरूप तराशी गई शिलाओं पर काई जमने लगी थीअवरोह की घुटन भरी घाटियों से गुजरी रामनगरी आज इस सत्य की परिचायक बन कर प्रतिष्ठित हुई है कि पतन-प्रतिकूलता से उबर कर अनुकूलता और वैभव के किस शिखर पर पहुंचा जा सकता है।न केवल रामजन्मभूमि न्यास ने साढ़े तीन दशक पूर्व जिस मंदिर की कल्पना की थी, उससे भी विशाल और भव्य मंदिर निर्मित हुआ है, बल्कि भव्य राम मंदिर के साथ विश्व स्तरीय सांस्कृतिक नगरी के रूप में रामनगरी भी दिव्य आकार ले रही है। गत 55 माह में एक-एक कर आकार ग्रहण करते राम मंदिर के शिखर-उप शिखर के साथ रामनगरी ने भी भव्यता के अनेक शिखर-उप शिखर प्रशस्त किए हैं।महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, वैश्विक स्तर का अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ एवं अनेक उपरिगामी सेतु से युक्त मार्गों के अति उन्नत प्रबंधन सहित 50 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक की परियोजनाओं के साथ आज रामनगरी के बारे में राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त की यह पंक्तियां अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होंगी, ‘देख लो साकेत नगरी है यही स्वर्ग से मिलने गगन को जा रही।’आज पूरा विश्व राममय है. हर रामभक्त के दिल में संतोष और अपार अलौकिक आनंद है. उन्होंने कहा कि सदियों की वेदना आज विराम पा रहा है. सदियों का संकल्प सिद्धी को प्राप्त हो रहा है. आज जब राम मंदिर के प्रांगण में कोविदार फिर से प्रतिष्ठित हो रहा है। यह केवल एक वृक्ष की वापसी नहीं है। हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है। देश को आगे बढ़ना है तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत पर गर्व के साथ साथ गुलामी की मानसिता से मुक्ति भी जरूरी है। आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। 2035 में इस घटना को 200 साल पूरे होंगे। हमें आने वाले दस सालों तक भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना है। आज जब राम मंदिर के प्रांगण में कोविदार फिर से प्रतिष्ठित हो रहा है। यह केवल एक वृक्ष की वापसी नहीं है। हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है। देश को आगे बढ़ना है तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत पर गर्व के साथ साथ गुलामी की मानसिता से मुक्ति भी जरूरी है। आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोए थे। मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। 2035 में इस घटना को 200 साल पूरे होंगे। हमें आने वाले दस सालों तक भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना है। अयोध्या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है। आज का दिन उन संतों, योद्धाओं, श्री राम भक्तों की अखंड साधना, संघर्ष को समर्पित है, जिन्होंने इस पूरे आंदोलन और संघर्ष के लिए अपना जीवन समर्पित किया। श्रीराम मंदिर पर फहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का प्रतीक है, मर्यादा का प्रतीक है, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का भी प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं। 25 नवंबर का दिन विवाह पंचमी भी है, जिसे त्रेतायुग में भगवान राम और सीता के विवाह दिवस के रूप में जाना जाता है. यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल शैली में बने राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया 800 मीटर का परकोटा मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। राम जन्मभूमि परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए 87 प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य ढाल वाले प्रसंग रचे गए हैं। *लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share2SendTweet2
Previous Post

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं, लॉन में बैठकर लिया गन्ने का स्वाद

Next Post

दिवाकर भट्ट राज्य आंदोलन का एक मजबूत स्तम्भ थे

Related Posts

उत्तराखंड

डोईवाला: थानों में मस्जिद एवं मदरसा भवन पर एमडीडीए की कार्रवाई, भवन सील

June 1, 2026
13
उत्तराखंड

डोईवाला: अंबेडकर नगर में 30 लाख की लागत से बनी सड़कों का लोकार्पण

June 1, 2026
45
उत्तराखंड

एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए श्रीलंका के 39 सिविल सर्वेंट्स

June 1, 2026
15
उत्तराखंड

डोईवाला : डेंगू पर वार के लिए पालिका का विशेष अभियान शुरू

June 1, 2026
11
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री श्री धामी की नीति घाटी को बड़ी सौगात, सीमांत पर्यटन विकास हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

June 1, 2026
8
उत्तराखंड

69 करोड़ का हनुमान झूला उद्घाटन से पहले सुर्खियों में आ गया

June 1, 2026
13

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67692 shares
    Share 27077 Tweet 16923
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45780 shares
    Share 18312 Tweet 11445
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38057 shares
    Share 15223 Tweet 9514
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37446 shares
    Share 14978 Tweet 9362
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37331 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

डोईवाला: थानों में मस्जिद एवं मदरसा भवन पर एमडीडीए की कार्रवाई, भवन सील

June 1, 2026

डोईवाला: अंबेडकर नगर में 30 लाख की लागत से बनी सड़कों का लोकार्पण

June 1, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.