• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

रोजमेरी को खूब रास आ रही है चमोली की आबोहवा

17/01/20
in उत्तराखंड, हेल्थ
Reading Time: 1min read
785
SHARES
981
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
एक सुगन्धित सदाबहार जड़ी-बूटी है जिसके पत्ते सुई के आकार के होते हैं। यह भूमध्यसागरीय क्षेत्र का मूल पौधा है। यह पुदीना परिवार लैमियेसी की सदस्य है, जिसमें और भी कई जड़ी.बूटी शामिल हैं। जोशीमठ ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसारी, मेरग, लाता, सुभाईं और सलधार गांवों के काश्तकार परंपरागत खेती के साथ ही रोजमैरी का उत्पादन कर रहे हैं। तैयार उत्पाद को जैविक उत्पाद परिषद काश्तकारों के माध्यम से ही विपणन की व्यवस्था करा रहा है। एक नाली भूमि में नकदी फसलों से किसान सालाना 50 हजार कमाते थे, उसी खेत से अब किसान रोजमैरी का उत्पादन कर 25 हजार अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। वर्ष 2014 से गढ़वाल केंद्रीय विवि के वानिकी विभाग की ओर से भी डीबीटी डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी परियोजना के तहत परसारी और मैरग गांवों में करीब एक हेक्टेयर भू.भाग पर रोजमैरी का उत्पादन किया जा रहा है। वानिकी विभाग की ओर से काश्तकारों को समय.समय पर रोजमैरी के कृषिकरण और इसकी उपयोगिता के बारे में भी टिप्स दिए जा रहे हैं।
वर्ष 2006 से जोशीमठ के मेरग गांव निवासी उमराव सिंह रोजमैरी का उत्पादन कर रहे हैं। उनका कहना है कि रोजमैरी के कृषिकरण से कम मेहनत में अच्छी आय प्राप्त होती है। रोजमैरी के कृषिकरण के लिए एक बार लगाई गई पौध से करीब 8 से 10 वर्षों तक फसल ली जा सकती है। रोजमैरी के फायदे मध्यसागरीय क्षेत्र में होने वाले पुदीना कुल के रोजमैरी के उत्पादों का उपयोग जहां सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री बनाने में होता है वहींए रोजमैरी की सूखी पत्तियां जैमए पेय पदार्थों, सब्जियों, मीट व मछली में खुशबू के लिए मसाले बनाने के प्रयोग में लाई जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रोजमैरी की सूखी पत्तियों के दाम करीब 350 रुपये प्रति किलो है, वहीं रोजमैरी से निकलने वाले तेल का बाजार भाव करीब 3500 से 4000 रुपये लीटर तक है।
रोजमैरी पौधे को किसी भी जलवायु में उगाया जा सकता है।
पौधे के उत्पादों से मुख्य रूप से हाई क्वालिटी परफ्यूम व मसाले बनाए जाते हैं। उच्च हिमालयी जलवायु में उगने वाले पौधे की गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है। जड़ी.बूटी शोध संस्थान, चमोली।औषधीय पौधा रोजमैरी को चमोली की आबोहवा खूब रास आ रही है। जोशीमठ ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसारी, मेरग, लाता, सुभाईं और सलधार गांवों के काश्तकार परंपरागत खेती के साथ ही रोजमैरी का उत्पादन कर रहे हैं। तैयार उत्पाद को जैविक उत्पाद परिषद काश्तकारों के माध्यम से ही विपणन की व्यवस्था करा रहा है। एक नाली भूमि में नकदी फसलों से किसान सालाना 50 हजार कमाते थे उसी खेत से अब किसान रोजमैरी का उत्पादन कर 25 अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। वर्ष 2014 से गढ़वाल केंद्रीय विवि के वानिकी विभाग की ओर से भी डीबीटी डिपार्टमेंट ऑफ बॉयोटेक्नोलॉजी, परियोजना के तहत परसारी और मैरग गांवों में करीब एक हेक्टेयर भू.भाग पर रोजमैरी का उत्पादन किया जा रहा है।
वानिकी विभाग की ओर से काश्तकारों को समय.समय पर रोजमैरी के कृषिकरण और इसकी उपयोगिता के बारे में भी टिप्स दिए जा रहे हैं। वर्ष 2006 से जोशीमठ के मेरग गांव निवासी उमराव सिंह रोजमैरी का उत्पादन कर रहे हैं। उनका कहना है कि रोजमैरी के कृषिकरण से कम मेहनत में अच्छी आय प्राप्त होती है। रोजमैरी के कृषिकरण के लिए एक बार लगाई गई पौध से करीब 8 से 10 वर्षों तक फसल ली जा सकती है। रोजमैरी के फायदे भूमध्यसागरीय क्षेत्र में होने वाले पुदीना कुल के रोजमैरी के उत्पादों का उपयोग जहां सौंदर्य प्रसाधन की सामग्री बनाने में होता है वहीं, रोजमैरी की सूखी पत्तियां जैम, पेय पदार्थों, सब्जियों, मीट व मछली में खुशबू के लिए मसाले बनाने के प्रयोग में लाई जाती है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रोजमैरी की सूखी पत्तियों के दाम करीब 350 रुपये प्रतिकिलो हैए वहीं रोजमैरी से निकलने वाले तेल का बाजार भाव करीब 3500 से 4000 रुपये लीटर तक है। रोजमेरी टी का सेवन करना एक लाभकारी विकल्प होता है। वैसे तो कई सारी टी के बारे में आपको जानकारी होगी लेकिन रोज़मेरी टी आपके लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसमें बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। रोजमेरी टी के बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं होती है और इस वजह से वो इनके लाभों का फायदा नहीं उठा पाते हैं, लेकिन आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप भी जान सकते हैं। यह चाय एक जड़ी.बूटी से बनी होती है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी.बैक्टीरियल, एंटी.माइक्रोबियल और सैलिसेलिक एसिड जैसे और भी कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को कई प्रकार के इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। पौधे के उत्पादों से मुख्य रूप से हाई क्वालिटी परफ्यूम व मसाले बनाए जाते हैं। रोजमेरी में कारोनोसोल के गुण मौजूद होते हैं। रोजमेरी का ये गुण कैंसर रोधी होता हैए जो ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोन कैंसर, ल्यूकेमिया, स्किन कैंसर व अन्य से बचाव करता है। रोजमेरी का खाने में इस्तेमाल करने से खाने का स्वाद तो बढ़ता ही है साथ ही ये कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। रोजमेरी स्वास्थ्य के लिए खजाना उच्च हिमालयी जलवायु में उगने वाले पौधे की गुणवत्ता उच्च स्तर की होती है।

Share314SendTweet196
Previous Post

सोलर पंप जैसी योजनाएं चमोली जैसे जिलों के लिए बेहतरः सांसद तीरथ रावत

Next Post

जनता सीएए और मोदी के साथः सांसद तीरथ रावत

Related Posts

उत्तराखंड

डोईवाला: नामित सभासदों ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

September 23, 2026
26
उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने किया आईआईएम काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमिपूजन

September 23, 2026
5
उत्तराखंड

डोईवाला: रास्ता भटकी चार वर्षीय बालिका को पुलिस ने परिजनों से मिलाया

September 23, 2026
44
उत्तराखंड

पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर है लाल चावल

September 23, 2026
4
उत्तराखंड

हिमालय सिर्फ हवा-पानी का खजाना नहीं है 44.6 फीसदी वनस्पतियों की प्रजातियां भी हैं उत्तराखंड में

September 23, 2026
5
उत्तराखंड

डोईवाला: शिविर में 400 बुजुर्गों और दिव्यांगजनों ने कराया पंजीकरण

September 23, 2026
7

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67746 shares
    Share 27098 Tweet 16937
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38078 shares
    Share 15231 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37458 shares
    Share 14983 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

डोईवाला: नामित सभासदों ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

September 23, 2026

मुख्य सचिव ने किया आईआईएम काशीपुर के देहरादून कैंपस का भूमिपूजन

September 23, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.