देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की गति में एकाएक तेजी आई है। शनिवार को छह और पॉजिटिव मामले आए हैं। राज्य में अब कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या 22 हो चुकी है। बीच में एक बार राज्य में कोरोना संक्रमण की गति में ब्रेक लगने के बाद आई तेजी जमातियों की वजह से आई है। शनिवार को मिले कोरोना संक्रमितों में पांच जमाती नैनीताल और एक हरिद्वार जिले में मिला है।
उत्तराखंड में छह और जमातियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। हरिद्वार में कोरोना संक्रमण पहला मामला है। रुड़की के पनियाला गांव निवासी युवक राजस्थान के अलवर में जमात पर गया था। 31 मार्च को वह रुड़की वापस लौटा और उसी दिन युवक को सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था।। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके परिजनों को भी लेने गई है। मरीज के पॉजिटिव आने के बाद से ही अस्पताल में हड़कंप की स्थिति है।
निजामुद्दीन मरकज से लौटे जमातियों की खोजबीन और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बहुत तेज हो गया है। शुक्रवार को छह जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से पांच मरीज देहरादून के, जबकि एक ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर का था। यह सभी लोग तब्लीगी जमात से वापस लौटे थे।
निजामुद्दीन मरकज सहित अन्य जगह से लौटे 50 जमातियों को ज्वालापुर में हिरासत में लिया गया। फिलहाल उन्हें कलियर में क्वारंटाइन किया गया है। ज्वालापुर कोतवाल योगेश सिंह देव ने बताया कि दिल्ली मरकज और अन्य जगह से ज्वालापुर में करीब 50 जमाती वापस घरों को लौटे थे। उन सभी को पकड़ने के बाद मेडिकल परीक्षण कराकर उन्हें कलियर में क्वारंटाइन किया गया है। कोतवाल ने बताया अभी अन्य जमातियों की तलाश की जा रही है। एक जमाती के उड़ीसा से ज्वालापुर वापस आने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी वह अपने घर नहीं पहुंचा है।











