• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

वनाग्नि रोकने के लिये जागरूकता अभियान चलायें: डीएम

24/01/19
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
146
SHARES
182
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

अल्मोड़ा। वनों में वनाग्नि दुर्घटनाओं से प्रति वर्ष बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा की अपूर्णनीय क्षति होती है इसको रोकने के लिये हमें सामूहिक प्रयास करने होंगे। यह बात जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आज जिला कार्यालय में आयोजित वनाग्नि से सम्बन्धित एक बैठक में कही। उन्होंने कहा कि वनों को वनाग्नि से रोकने के लिये यद्यपि वन विभाग द्वारा प्रभागीय स्तर पर वन प्रबन्धन अग्नि योजना का प्रभावी ढ़ग से तैयारी की जाती है फिर भी अगर ग्राम स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति वनाग्नि के प्रति जागरूक हो तो इसे रोका जा सकता है। अकेले वन विभाग ही वनाग्नि से निपटने में अस्मर्थ है।
जिलाधिकारी ने बैठक को सम्बोधित करते हुये कहा कि वनाग्नि से रोकथाम के लिये एनसीसीएनडीआरएफ, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, वन पंचायत और स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आकर इसके नियंत्रण में भागीदारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विभाग की हर सम्भव मद््द दी जायेगी जो कि इसके प्रभावी नियंत्रण में सहयोग प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग लगने के प्रमुख कारणों में नई घास के लिये सूखी घास को जलाना, जंगलों में आने-जाने वाले लोगों द्वारा जली बीडी सिगरेट को फैकना, लकडी तस्करों द्वारा पेड़ की जड़ों पर आग लगाकर पेड़ गिरना और बिखरी पत्तियों को जलाना है। इसके लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाय ताकि वनाग्नि को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर पर जागरूकता गोष्ठी कराने के निर्देश वनाधिकारी को दिये और कृषि, उद्यान एवं विकास विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि वे इन जागरूकता गोष्ठियो ंमें अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे। जंगल में आग लगाने की सूचना देने के लिये सूचना तंत्र को मजबूत किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि सिविल वनों की सुरक्षा का जिम्मेदारी सम्बन्धित ग्राम प्रधान व पटवारी की होगी। उन्होंने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण में मानव संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है इसलिये कृषि, राजस्व, विकास, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल निगम, अग्निश्मन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पशु पालन, आपदा प्रबन्धन, स्थानीय अभिसूचना ईकाइ, छावनी परिषद, एसएसबी से स्तःस्पूर्त भावना से इस कार्य में जुटने की बात की।
उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा प्रबन्धन को एक मांग पत्र बनाकर जो भी उपकरण की आश्यकता उन्हें उपलब्ध करा दें ताकि उन्हंे उपकरण समय पर उपलब्ध कराये जा सके। वनाग्नि की घटनाओं में लापरवाही बरतने पर आपदा प्रबन्धन नियम के अन्तर्गत कार्यवाही भी की जायेगी। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कू्र स्टेशनों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि लोगों को जागरूक करने के लिये व्यापक-प्रचार-प्रसार के साथ ही पम्पलैट भी छपवायें जाय। जिलाधिकारी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये पाक्षिक बैठक करने के निर्देश भी वन विभाग के अधिकारियों को दिये। इस बैठक में प्रत्येक वर्ष विशेष सहयोग देने वाले भूपाल सिंह भण्डारी व कमला कैड़ा ने अपने सुझाव दिये साथ ही उन्होंने कहा कि इस कार्य तभी सफल होगा जब ग्रामीणों की सहभागिता इसमें अधिक होगी। उन्होंने अनेकों ग्राम पचंायतों एवं वन पंचायतों के द्वारा गत वर्षों में वनाग्नि सुरक्षा में सराहनीय कार्य किये जाने पर उनका आभार जताया और अन्य पंचायतों को भी इस ओर कार्य करने की अपील की।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रवीण कुमार शर्मा, भूमि एवं वन संरक्षण रानीखेत उमेश जोशी, डीएलएम बी0सी0 पंत, प्रभागीय वनाधिकारी भूमि संरक्षण रामनगर सुभाष चन्द्रा, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल जी0पी0 सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मनोहर लाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, महिला मंगलदलों के प्रतिनिधि व वन पंचायतों के सरपंच और वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

Share58SendTweet37
Previous Post

वाईपास के खिलाफ धरना जारी

Next Post

क्वांसी पालिटेक्निक कालेज के हालात सुधारे सरकार

Related Posts

उत्तराखंड

कुरूड़ से इस बार मां नंदा की बड़ी जात चली है, राजजात 2027 में होगी

September 6, 2026
26
उत्तराखंड

न तो नंदा राजजात, ना लोकजात, बड़ी जात हुई नंदा धाम कुरूड़ से रवाना

September 5, 2026
11
उत्तराखंड

25 लाख की जमापूंजी से जमीन खरीदी संवर रहा 400 से ज्यादा गरीब बच्चों का भविष्य

September 5, 2026
8
उत्तराखंड

चमेलिया नदी में भूस्खलन से कृत्रिम झील: भारत में मच सकती है तबाही

September 5, 2026
12
उत्तराखंड

खुमाड़ की क्रांति को कुमाऊं की बारदोली नाम दिया गया था

September 5, 2026
7
उत्तराखंड

सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

September 5, 2026
7

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45790 shares
    Share 18316 Tweet 11448
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38076 shares
    Share 15230 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37377 shares
    Share 14951 Tweet 9344

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

कुरूड़ से इस बार मां नंदा की बड़ी जात चली है, राजजात 2027 में होगी

September 6, 2026

न तो नंदा राजजात, ना लोकजात, बड़ी जात हुई नंदा धाम कुरूड़ से रवाना

September 5, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.