थराली से हरेंद्र बिष्ट।
पिछले चुनावों की तरह ही इस बार भी थराली सुरक्षित विधानसभा सीट पर अंतिम समय पर सीधा मुकाबला कांग्रेस-बीजेपी के ही बीच ही सिमट कर रह गया। हालांकि मतदान से कुछ दिन पहले तक आप पार्टी के उम्मीदवार त्रिकोणी मुकाबले में दिखाई पड़ रहा था। किंतु मतदान होने तक आम आदमी पार्टी पूरी तरह से मुकाबले से बहार हो गई। अन्य दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति भी कुछ इसी तरह की दिखाई पड़ रही है।
उत्तराखंड बनने के बाद से हुए तमाम लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में इस विधानसभा क्षेत्र में सीधा मुकाबला कांग्रेस एवं भाजपा के बीच ही होता आया था। इस बार पिछले साल के अंतिम महिनों में जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने पूरे चमोली जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज की थी, उससे माना जाने लगा था कि सैन्य बाहुल्य थराली विधानसभा क्षेत्र में आप कांग्रेस एवं भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देगी।
8 जनवरी को चुनाव आयोग के द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के बाद आप पार्टी एवं उसके उम्मीदवार गुड्डु लाल के द्वारा काफी दमखम के साथ इसका अगाज भी किया था। जिससे बीजेपी एवं कांग्रेस में कई सप्ताह तक काफी हलचल बनी रही, किंतु चुनाव कार्यक्रम के तहत मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही आप पार्टी की गतिविधियों में तेजी आने के बजाय लगातार धीमी पड़ती रही और मतदान की तारीख आने तक लगभग कई क्षेत्रों से आप ने अपना चुनावी साजो सामान पूरी तरह से उठा लिया। मतदान के दिन अर्थात 14 फरवरी को थराली, नारायणबगड़ एवं देवाल विकासखंडों के अधिकांश मतदान केंद्रों पर आम आदमी पार्टी के चुनाव अभिकर्ता तक तैनात नहीं थे। जिससे साफ हो गया कि इस बार भी मुख्य मुकाबला कांग्रेस एवं बीजेपी के बीच ही है।











