रिपोर्टर : प्रियांशु सक्सेना
डोईवाला। राजकीय प्राथमिक विद्यालय अपर जॉली में जान के खतरे के बीच बैठाकर शिक्षा देने को मजबूर है विद्यालय, लंबे से किए जा रहे प्रयास भी रहे नाकामयाब। डोईवाला विकासखंड के अपर जॉली में स्थित प्री प्राइमरी स्कूल में बच्चें जान का जोकिम उठाकर शिक्षा ले रहे है।
दरहसल, विद्यालय में केवल दो हो कक्ष है। स्कूल में कक्ष की कमी के कारण विद्यालय प्रशासन को बच्चों से भरी कक्षा में ही मिड डे मील बनाना पड़ रहा है। जो को दुर्घटना का सीधा कारण बन सकता है, एक ही कक्ष में छोटे छोटे बच्चों के साथ प्रेशर कुकर व गैस सिलेंडर जैसे विस्फोटक सामग्री का होना बेहद ही घातक साबित हो सकता है।
वहीं दूसरी ओर विद्यालय में सुरक्षा दीवार ना होना भी बच्चों के लिए खतरनाक है। जंगल से सटे विद्यालय में कोई सुरक्षा दीवार ना होने से जानवरों व जहरीले कीड़े जैसे साप व बिच्छू अन्य जानवरों के आने का भय निरंतर बना रहता है।
विद्यालय प्राचार्य सिद्धार्थ शर्मा ने बताया की उनकी ओर शिक्षा विभाग, बीआरसी समेत कई विभागों को पत्राचार के माध्यम से इस समस्या से अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन उनके द्वारा उन प्रस्तावों को गोल गोल घुमाकर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
कहा की विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। प्राचार्य शर्मा ने बताया की उनके द्वारा कई बार विभाग को प्रस्ताव भजे जा चुके है परंतु उनकी ओर से केवल खानापूर्ति कर प्रस्ताव को इस कार्यालय से उस कार्यालय में भेज दिया जाता है। जिस कारण नन्हे मासूम बच्चों की जिंदगी पर हरदम खतरा बना रहता है।











