थराली से हरेंद्र बिष्ट। केंद्र एवं राज्य सरकार भले ही कोरोना टीकाकरण को लेकर लाख दावे भले ही किए जा रहे हैं किन्तु हकीकत इस से कोसों दूर दिख रही हैं। टीकाकरण में आम जनता तो मुस्तेद नजर आ रही हैं। परंतु सरकार अब इसके प्रति संजीदा नही दिखाई पड़ रही हैं।
कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण के प्रति सरकार किस कदर संजीदगी अपनाएं हुए हैं,इस का जिता जागता उदाहरण थराली विकासखंड में को देख कर लगाया जा सकता हैं। जहां पर पिछले एक सप्ताह से 18 से 45 वर्ष के आयु के लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका नही लग पा रहा है। जबकि युवा वर्ग कोरोना के टीके लगवाने के लिए लगातार वैक्सीनेशन सेंटर के चक्कर काटने पर मजबूर बने हुए हैं।
कोरोनावायरस के संक्रमण के प्रभाव को कम करने के लिए राष्ट्र व्यापी टीकाकरण अभियान पिंडर घाटी आते-आते अब दम तोड़ता सा दिखाई दें रहा हैं।इस घाटी में इन दिनों कोरोना टीकाकरण की गति थम सी गई हैं। बताया जा रहा हैं कि थराली विकासखंड के 18 से 45 आयु के लोगों के लिए बीते 8 जुलाई को कोविड वैक्सीन की 500 डोज थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मिली थी। जिसमे से कोविशील्ड की अधिकांश डोज 45 से अधिक की उम्र के व्यक्तियों को दूसरी डोज के रूप में लगाई गई।
जिसके चलते युवा वर्ग को वैक्सीनेशन से वंचित रहना पड़ा है।सीएचसी थराली में वैक्सीन लगाने आये मेटा तल्ला के दिनेश कुमार ने बताया कि वे तीसरी बार वैक्सीन लगाने अस्पताल पहुंचे हैं। लेकिन आज भी उन्हें मायूस ही घर लौटना पड़ा हैं।इसी तरह से 38वर्षीय युवा व्यापारी संदीप रावत का कहना हैं कि वें लंबे समय से स्लॉट बुक करने का प्रयास कर रहे हैंकिंतु कभी उन्हें स्लॉट खाली ही नही मिल रहा हैं तो अब पता चल रहा हैं कि केंद्र में वैक्सीन ही नही हैं। पिछले एक सप्ताह से स्लॉट वेबसाइट पर दिख ही नही रहे जिसके चलते वें अब तक वैक्सीन नही लगा पाए हैं।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के चिकित्साप्रभारी डॉ नवनीत चौधरी का कहना है कि वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। वैक्सीन की खेप आने के बाद ही युवा वर्ग को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जा सकता हैं।इस संबंध में पूछे जाने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ शहजाद अली ने बताया कि 13 जुलाई को देवाल विकासखंड को 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों के वैक्सीनेशन के लिए दूसरी डोज मिली थी। जिसमें से 3 सौ से अधिक को दूसरी डोज लगा दी गई हैं।अब उनके पास 2 सौ डोज ही शेष बचे हैं। जबकि 18 से 45 वर्ष के आयु के लोगों का वैक्सीनेशन का कार्य पिछले एक सप्ताह से वैक्सीनों के अभाव में बंद पड़ा हुआ हैं। एक तरह से क्षेत्र में इन दिनों कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य काफी हदतक बंद पड़ा हैं।लोग वैक्सीनेशन के लिए अपनी बारी का इंतजार करने पर मजबूर बने हुए हैं।











