फोटो- नीती-माणा घाटियों मे ताजे हिमपात के बाद सडक से बर्फ हटाता बीआरओ का डोजर ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। भारत-तिब्बत सीमा से सटी नीती-माणा घाटियों की सडक वर्षभर खुली रहे, इसके लिए बीआरओ पूरी तत्परता से कार्य में जुटा है। बर्फबारी होते ही बीआरओ की मशीनें व जवान बर्फ काटकर सडक मार्ग आवाजाही के लिए तैयार कर रहे हैं।
सीमा सडक सगंठन’’बीआरओ’’का प्रयास है कि भारत-तिब्बत सीमा से सटी नीती व माणा घाटियों की सडक वर्षभर आवाजाही के लिए खुली रहे। इसके लिए बीआरओ ने इस वर्ष हिमपात होने के तुंरंत बाद से ही दोनांे घाटियों के सडक संपर्क मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य जोरों से शुूरू कर दिया है।
बीते दिवस हुई बर्फबारी के तुरंत बाद बृहस्पतिबार से ही बीआरो की 21 टास्क फोर्स के अधीन 75 एवं 123 सडक निर्माण कंपनियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया। माणा घाटी मंे हनुमान चटटी से बर्फ हटाते हुए श्री बदरीनाथ धाम व माणा गाॅव तक बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया है। इस कार्य में यहाॅ बीआरओ की तीन मशीनें व जवान कार्य में जुटे हैं। जबकि नीती घाटी में मलारी व मलारी से आगे बार्डर की ओर बर्फ काटकर मार्ग खोला जा रहा है, यहाॅ बीआरओ की 6 मशीनें, जवान व मजदूर कार्य में जुटे हैं।
बीआरओ का प्रयास है कि बारह महीने सडक खुली रहे, ताकि किसी भी परिस्थिति में आवाजाही बाधित ना हो। इसके लिए बीआरओ ने बर्फबारी के सीजन से पूर्व ही मशीने, आवश्यक जवान व मजदूरों की तैनाती उपरोक्त स्थानों पर कर दी थी। ताकि बर्फबारी थमते ही सडक से बर्फ हटाने का कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।











