प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। देवपुजाई समिति जोशीमठ के तत्वावधान में नरसिंह मंदिर.मठागण में आयोजित ऐतिहासिक व धार्मिक मेला तिमुण्डा पूरे विधि विधान के साथ सम्पन्न हुआ।
हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी मे हुए इस धार्मिक आयोजन मे तिमुण्डा के पश्वाष्अवतारी पुरूषष्ने बकरे का कच्चा मांसएगुड़ व कच्चे चावल को देखते ही देखते चट कर दिया। इस अदभुत दृष्य को नजदीक से देखने के लिए लोग सुबहसे ही नरसिंह मंदिर मठागण पहुंचने शुरू हो गए थे।
अपराह्न तीन बजे बाद मेले का आयोजन शुरू हुआ, देवपुजाई भवन से महिलाओं के माँगल गीत के साथ सभी पश्वा समिति की अगुवाई मे मठागण में पहुंचे, जहाँ सर्व प्रथम माता दुर्गा के आलम को मठागण में लाया गया, इसके बाद सभी पश्वाओं ने आलम के साथ भगवान नरसिंह व नव दुर्गा के दर्शन किए।
दर्शनों की प्रक्रिया के उपरांत आलम के साथ घूमते हुए तिमुण्डा के पश्वा अवतरित होकर मूर्छित होते हैं और मूर्छा तभी टूटती है जब बकरे का खून उनके मुँह में जाता है, इसके बाद शुरू होता है बकरे का कच्चा मांस खाने का सिलसिला।
तिमुण्डा के पश्वा आलम के चारों ओर घूमते हुए बकरे का कच्चा मांस खाते हैंएउसके बाद गुड़ व कच्चे चावल को भी घूम घूम कर खा जाते हैं। इस अदभुत दृष्य को देखने के लिए हजारों लोगों के साथ लैंसडाउन के विधायक महंत दलीप रावत भी मौजूद रहे।
तिमुण्डा मेला शुरू होने से पूर्व स्थानीय महिलाओं ने परंपरागत परिधान मे भजन कीर्तनों के साथ दांकुड़ी नृत्य किया।
देवपुजाई समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूरी ने समिति की ओर से सभी आगंतुकों का स्वागत किया।उन्होंने सहयोग के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, बद्री.केदार मंदिर समिति, महिला मंगल दल व ब्यापार संघ का आभार ब्यक्त किया है ।











