डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
पिछले कुछ वाकयों से सबक लेकर अब उत्तराखंड सरकार फिल्म नीति में संशोधन करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देश पर संशोधित फिल्म नीति में प्रदेश की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब अगर किसी फिल्म, धारावाहिक और वेब सीरीज की कहानी में उत्तराखण्ड का जिक्र होता है और उसकी शूटिंग यहाँ होती है तो इसमें अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इसमें ये ध्यान रखा जाएगा कि अगर फिल्म या सीरियल उत्तराखंड में शूट होता है तो उसे फिल्म सीरियल की कहानी में यहीं का बताया जाए। इसके लिए फिल्मकारों को अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।पहले फिल्म की शूटिंग तो उत्तराखण्ड में होती थी, लेकिन कहानी में इसे हिमाचल या जम्मू दिखाया जाता था, जिस कारण खूबसूरत लोकेशन होने के बावजूद प्रदेश की ब्रांडिंग सही तरीके से नहीं हो पाती थी। पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड एक शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। बड़ी संख्या में फिल्म, धारावाहिक और वेब सीरीज की शूटिंग उत्तराखण्ड में हुई है। फिल्मों के जरिये देश-विदेश में राज्य की ब्रांडिंग हो, इस दिशा में भी मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नई फिल्म नीति में प्रावधान किए हैं।दरअसल पिछले साल अक्षय कुमार की फिल्म “कठपुतली” की शूटिंग मसूरी में हुई, लेकिन फिल्म में इस जगह को हिमाचल का कसौली दिखाया गया। इससे सोशल मीडिया पर कई तरह के रिएक्शन देखने को मिले थे। अब सरकार ने नई फिल्म नीति के तहत किसी फिल्म, धारावाहिक और वेब सीरीज की शूटिंग उत्तराखण्ड में होती है और कहानी में प्रदेश का जिक्र है तो राज्य सरकार की तरफ से निर्देशक को अतिरिक्त छूट दी जाएगी।उत्तराखंड कैबिनेट में नई फिल्म नीति 2024 को मंजूरी मिल है. फिल्म नीति को मंजूरी मिलने के बाद जहां एक ओर उत्तराखंड फिल्म निर्माण का हब बनेगा, तो वहीं इससे राज्य की खूबसूरत पर्यटक स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान भी मिलेगी. इससे कई युवाओं को रोजगार भी मुहैया होगा, साथ ही देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और इतिहास की जानकारी अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचेगी.प्रदेश में हिंदी समेत गढ़वाली व कुमाऊंनी भाषाओं के साथ ही विदेशी भाषाओं की फिल्म के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कुल खर्च का 30 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी . सब्सिडी की यह राशि अधिकतम दो करोड़ रुपये तक होगी. गौरतलब है कि सरकार ने राज्य में गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी फिल्म बनाने वालों के लिए सब्सिडी 8 गुना बढ़ा दी है. वहीं, आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में फिल्मों की राज्य में शूटिंग करने वालों की सब्सिडी भी दोगुनी कर दी है.उत्तराखंड की नई फिल्म नीति के कारण राज्य में फिल्म शूटिंग पर पांच साल से कम समय में 1759 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह आंकड़ा उत्तराखंड को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन से आगे बढ़कर फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।नई फिल्म नीति-2024 ने राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दिया है। इसमें सिंगल विंडो व्यवस्था, प्रोत्साहन, अनुदान और फिल्म पुरस्कार जैसे प्रावधान हैं। नीति स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने और शूटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने पर केंद्रित है। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान मिला है। इनमें हिंदी और स्थानीय भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। अकेले 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया। 2019-20 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने और रोजगार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। फिल्म शूटिंग से स्थानीय होटल और परिवहन कारोबार को लाभ हुआ है। इससे स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ और गाइड जैसे लोगों को रोजगार मिला है। स्थानीय कलाकारों को भी फिल्मों और वेब सीरीज में अवसर मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तराखंड को फिल्म-अनुकूल राज्य के रूप में पहचान मिली है। फिल्मों में दिखाए गए स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। सरकार का प्रयास है कि राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो प्रदेश सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड में ही हो ताकि प्रदेश की ब्रांडिंग देश-विदेश में की जा सके. उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। सरकार का प्रयास है कि राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो। सरकार शूटिंग अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है। सरकार की रणनीति अब केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है। फिल्म निर्माण से जुड़ी सुविधाओं, तकनीकी संसाधनों और स्थानीय मानव संसाधन को विकसित कर राज्य में प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक की गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।इससे राज्य में फिल्म उद्योग से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने की संभावना है। 1,759 करोड़ रुपये का निवेश इसी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा माना जा रहा है। पिछले कुछ सालों से उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है. उत्तराखंड एक फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में फिल्म निर्माता की पसंदीदा जगह बनती जा रही है. यही वजह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उत्तराखंड राज्य को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवॉर्ड भी मिल चुका है. उत्तराखंड सरकार ने पिछले 2 सालों में राज्य में करीब 370 से अधिक शूटिंग को अनुमति दी है. लगातार बढ़ते रुझानों के बाद उत्तराखंड सरकार राज्य को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रही है. जिसके चलते राज्य सरकार ‘उत्तराखंड फिल्म नीति 2024’ तैयार कर रही है. जिससे उत्तराखंड में फिल्म निर्माण के लिए आने वाले लोगों को एक बेहतर सुविधा और लोकेशन उपलब्ध करवाई जा सके.नई फिल्म नीति में 3T यानी टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है. ये नीति फिल्म निर्माता को प्रदेश में शूटिंग के लिए आकर्षित करेगी. यही नहीं, प्रदेश के स्थानीय कलाकारों और टेक्निशियन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में फिल्म निर्माण को लेकर 360 डिग्री का इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा. जिससे बाहरी फिल्म निर्माता के साथ ही स्थानीय फिल्म निर्माता और टेक्निशियन को भी विशेष अवसर मिल सकेंगे.लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.










