
थराली से हरेंद्र बिष्ट।
ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के लिए इस नगर पंचायत के अंतर्गत सिमलसैण के बुसेड़ी नामक स्थान पर बीआरओ को सिमलसैण के नागरिकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बीआरओ जहां ब्लांिस्टग कर मार्ग पर पड़े बड़े.बड़े बोल्डरों को तोड़ कर सड़क खोलने के प्रयास में जुटी हुई थी, वहीं नागरिक ब्लास्टिंग के बजाय मशीनों के जरिए सड़क खोलने की बात पर अड़े रहे। अन्त में बीआरओ के द्वारा मशीनों से ही सड़क खोलने की बात पर देर सायं करीब पौने चार बजे बाद सड़क खोलने का कार्य शुरू हो सका।
विगत दिनों हुई भारी बारिश से ग्लालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर आवागमन के लिए बंद हो गई थी। गुरूवार दोपहर तक अन्य स्थानों पर तो सड़क यातायात के लिए बीआरओ के द्वारा खोल ली गई। किंतु थराली नगर पंचायत के अंतर्गत बुसेड़ी नामक स्थान पर सिमलसैण के नागरिकों के द्वारा सड़क पर आए बड़े.बड़े बोल्डरों को ब्लास्टिंग के बजाय मशीनों से उन्हें हटाने पर अड़े रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि बीआरओ की लापरवाही के कारण जहां बुसेड़ी में भूस्खलन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं सिमलसैण के संजय जोशी, हरीश चंदोला, राधा देवी, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी, आशा देवी आदि लोगों का कहना था।ब्लास्टिंग करने से खतरा और अधिक बढ़ सकता है। काफी देर की वार्ता के बाद इस शर्त पर कि मशीनों के जरिए ही सड़क खोली जाएगी, देर सायं मार्ग को खोलने का कार्य शुरू हो सका।
इस दौरान थराली के थानाध्यक्ष ध्वजवीर पंवार, राजस्व उपनिरीक्षक चंद्र सिंह बुटोला, राजकुमार सिद्ववान आदि मौजूद थे। ग्रामीणों ने बीआरओ से भूस्खलन क्षेत्र में सुरक्षा दिवारों के निर्माण की मांग की है। मार्ग पर काम शुरू होने के बाद आज देर रात तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग को छोटे वाहनों के आवागमन के लिए खुलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।











