डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
मौसम की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में आस्था के कदम नहीं रुक रहे हैं। इस साल भी यात्रा नए रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है। अब तक दर्शन करने वालों का आंकड़ा 48 लाख पार हो चुका है। सबसे अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।मानसून सीजन में उच्च हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा करना चुनौती व जोखिम भरा रहता है। यात्रा मार्गों पर भूस्खलन को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं से मानसून संबंधित जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने का आग्रह किया जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पांच से छह हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सितंबर से चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। 19 अप्रैल से 22 सितंबर तक चारधाम यात्रा में 48.11 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इसमें बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 16.57 लाख, केदारनाथ धाम में 14.66 लाख गंगोत्री में 7.48 लाख, यमुनोत्री में 6.69 लाख और हेमकुंड साहिब 2.71 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए प्रदेश सरकार ने पंजीकरण को अनिवार्य किया हुआ है। पर्यटन विभाग ने यात्रा के लिए एक माह पहले 6 मार्च 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था। जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई थी। 22 अगस्त तक यात्रा के लिए 61.71 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। केदारनाथ धाम के लिए 20 लाख, बदरीनाथ धाम में 18.43 लाख, गंगोत्री में 10.62 लाख, यमुनोत्री में 10.11 लाख व हेमकुंड साहिब में 2.55 लाख पंजीकरण हो चुके हैं।चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा के साथ सुगम दर्शन करना सरकार की प्राथमिकता है। चारधाम यात्रा हर साल नया रिकॉर्ड बना रही है। इस बार भी यात्रा श्रद्धालुओं की संख्या में नया कीर्तिमान बनाएगी। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप तीर्थस्थलों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। त्तराखंड की चारधाम यात्रा को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख का आधार माना जाता है. पिछले साल अकेले इस यात्रा से लगभग 7,500 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया था. इस साल चूंकि यात्रा की सुगमता बढ़ी है इसलिए इस यात्रा से पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इस यात्रा से कुल आर्थिक प्रभाव (इकोनॉमिक मल्टीप्लायर इफेक्ट के साथ) 8,000 करोड़ रुपरु से अधिक होने का अनुमान है.यह यात्रा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करती है. साल 2025 में उत्तराखंड चारधाम यात्रा कुल 209 दिनों तक चली थी. कुल 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत हेमकुंड साहिब के दर्शन किए. केदारनाथ में सबसे ज्यादा, 17,68,795 तीर्थयात्री पहुंचे. चारधाम यात्रा को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख का जाता है. पिछले साल अकेले इस यात्रा से लगभग 7,500 करोड़ रु. का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया था. इस साल चूंकि यात्रा की सुगमता बढ़ी है इसलिए इस यात्रा से पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इस यात्रा से कुल आर्थिक प्रभाव (इकोनॉमिक मल्टीप्लायर इफेक्ट के साथ) 8,000 करोड़ रुपरु से अधिक होने का अनुमान है.यह यात्रा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करती है. साल 2025 में उत्तराखंड चारधाम यात्रा कुल 209 दिनों तक चली थी. कुल 51 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत हेमकुंड साहिब के दर्शन किए. केदारनाथ में सबसे ज्यादा, 17,68,795 तीर्थयात्री पहुंचे. लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं











