रिपोर्ट-सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध धाम बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पर क्यों लग रहे हैं बड़े आरोप? आखिर कौन देगा जवाब? पिछले 10 वर्षों से वन सेवा के अधिकारी बी डी सिंह प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं जिनकी कार्यप्रणाली को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर विरोध जताया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में मुख्य कार्य अधिकारी पर पिछले कई वर्षों से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कई बिंदुओं को उजागर किया है तथा यह भी कहा है मुख्य कार्य अधिकारी को शासन की कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का भी संरक्षण है जिस कारण हुए धड़ल्ले से अपनी मनमर्जी के अनुसार मंदिर समिति में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सूरज नेगी ने कहा कि यदि शासन द्वारा मुख्य कार्य अधिकारी के खिलाफ धर्मस्व सचिव द्वारा 31 दिसंबर 2021 को एक जांच कमिश्नर को सौंपी जाती है, वही दूसरी तरफ जनवरी 2022 को उनकी प्रतिनियुक्त बढ़ा दी जाती है। मगर उनके कार्यकाल के अंदर हुए कई भ्रष्टाचार पर शासन ने चुप्पी शाधी हुई है। उन्होंने कहा कि बी डी सिंह द्वारा वर्ष 2012 में बिना निविदा आमंत्रित किए 20 से 25 लाख रुपए की मोमेंटो के नाम पर घड़ियां मगांई जाती है, जबकि तीन.चार सालों में मात्र तीन से चार घड़ी ही बिकती है। बाकी कोई भी हिसाब पता नहीं है। वहीं बिना निविदा आमंत्रित किए दिल्ली की फिल्म निर्माता कंपनी को 12 से 15 लाख रुपए की एक डॉक्यूमेंट्री बनवाई जाती है जोकि व्याप्त भ्रष्टाचार का उदाहरण है।

वही बी डी सिंह द्वारा बिना शासन की स्वीकृति वर्ष 2014 में वायरमैन प्लंबर तथा 2016 में 11अनुचोरों को स्थाई किया जाता है जबकि शासन द्वारा नियत वेतनमान पर नियुक्त किए जाने की स्वीकृत की गई थी यही नहीं इनके द्वारा कई कर्मचारियों को नियम विरुद्ध स्टाफिंग पैटर्न का लाभ दिया गया जो कर्मचारी प्रशासन के अधिकारी की सेवा अवधि पूर्ण नहीं करते थे उनको प्रशासनिक अधिकारी बना दिया गया वही मुख्य कार्यकारी द्वारा मंदिर समिति प्रोन्नति में भी कई घोटाले किए गए जिनमे उनके साथ भ्रष्टाचार में सहभागी जे ई अनिल ध्यानी को अधिशासी अभियंता के पद पर प्रोन्नति दी गई जो पूर्णतया नियम विरुद्ध है बहुत से योग्य कर्मचारियों को पिछले कई वर्षों से प्रोन्नति नहीं दी गई जबकि बैक डोर से नियुक्त कर्मचारियों को समयावधि से पहले ही प्रमोशन देकर जल्दी उच्च पदों पर बिठा दिया गया।

कांग्रेस नेता सूरज नेगी ने कहा कि मंदिर समिति के अधीन लगभग 45 मंदिर हैं वर्ष 2014 में बी डी सिंह द्वारा बिनसर मंदिर जो कि मंदिर समिति का अधीनस्थ मंदिर भी नहीं था का जीर्णोद्धार बिना निविदा के किराया जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपए का व्यय किया गया जबकि मंदिर समिति एक्ट में स्पष्ट है कि मंदिर समिति केवल अपने अधीनस्थ मंदिरों का रखरखाव व पूजा व्यवस्था करेगी उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में इन्होंने मंदिर समिति की आपातकालीन बैठक बुलाई व मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष उपाध्यक्ष वह प्रत्येक सदस्य गणों को 10.10 लाख रूपए अपने क्षेत्र के भीतर आने वाले मंदिरों संस्थाओं आज कौन दान के रुप में देने हेतु आवंटित कर दिया जिसमें कि मंदिर समिति को लगभग एक करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा।
वहीं नेगी ने कहा कि एक अधिकारी चुपचाप मुख्य कार्य अधिकारी के पद पर बैठकर कई वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त है और शासन आंख मूंदकर बैठा हुआ है। जो इस राज्य में बड़े खेद का विषय है। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में गंभीरता पूर्वक जांच कर कार्यवाही करने का आग्रह किया।











