कमल बिष्ट/उत्तराखंड समाचार।
कोटद्वार। वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय कण्वाश्रम कोटद्वार में आयोजित “अंतर्राष्ट्रीय योग एवं आयुर्वेद महोत्सव”
के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रातः आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष योगीराज विश्वपाल जयंत सरस्वती द्वारा आसन प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया।
प्रातः कालीन यज्ञ में डॉ० सत्यपाल सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यजमान के रूप में आहुति दी तथा यज्ञ की वैज्ञानिकता और उपयोगिता पर विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि यज्ञ में सामग्री और घृत के रूप में डाले गए पदार्थ पर्यावरण की शुद्धि के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य तथा आत्मिक उन्नति में विशेष उपयोगी हैं। मध्याह्न में आयोजित “विशिष्ट सत्र” में विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत हुए। जिसमें वैद्यराज विश्वपाल जयंत सरस्वती ने बताया कि योग साधना से व्यक्ति के समग्र दु:ख नष्ट होते हैं और आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है।
डॉ० सत्यपाल सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा की योग एक प्राचीनतम वैदिक परंपरा है। वेदों में योग विषयक अनेक मंत्र है जिनका अन्य यौगिक साहित्य में भी उल्लेख मिलता है, महर्षि मनु द्वारा बताए गए यम और नियम को समग्र मानव समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और श्रीमद् भगवत गीता में वर्णित योग की परिभाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा की समस्त उत्तरदायित्वों का एकाग्रता और कुशलता के साथ निर्वाह करना तथा आत्मा द्वारा परमात्मा का साक्षात्कार करना भी योग है, आत्मबल बढ़ाने के लिए योग और अध्यात्म को विशेष उपयोगी जानकारियां बताते हुए कहा कि कि पांचों ज्ञानेंद्रियों और कर्मेंद्रियों के साथ मन और बुद्धि का समुचित तारतम्य एक योगी ही स्थापित कर सकता है।
विशेष सत्र का शुभारंभ गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी चंदनपुरा की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना के साथ हुआ।
योग एवं आयुर्वेद महोत्सव के संयोजक तथा मंच संचालक डॉ० राजवीर सिंह शास्त्री (दिल्ली) ने भी टिप्पणियों के माध्यम से अपने विचार रखें।
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं में योगगुरु आशुतोष आदि शंकराचार्य फाऊंडेशन ऋषिकेश, योगगुरु नवीन जोशी संस्कार योगशाला ऋषिकेश, सुषमा ज़ख्मोला कोटद्वार, नंदन सिंह रावत कोटद्वार, विमल वधावन परमार्थ आश्रम ऋषिकेश, श्रीमान पाब्लो अमेरिका, श्री तिवारी जी परमार्थ आश्रम ऋषिकेश, पी.एस. राणा प्रति. कुलपति भगवंत यूनिवर्सिटी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
अन्य उपस्थित विशिष्ट जनों में डॉ० धर्मेंद्र बालियान हरिद्वार, अजय जोशी ऋषिकेश, राणा आहूजा कनाडा, राकेश गोयल हरिद्वार, जयवीर सिंह रावत यूथ फाउंडेशन कण्वाश्रम, डॉक्टर आनंद आयुर्वेद चिकित्सक, आंध्र प्रदेश, योगाचार्य चंद्रमोहन कुकरेती कोटद्वार, आचार्य मनमोहन नौटियाल कण्वाश्रम, संजय रावत कण्वाश्रम, सचिन जी कण्वाश्रम आदि उपस्थित रहे।









