• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

थन से निकले विष से बचना होगा

09/11/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
17
SHARES
21
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों की चमक दमक में हलाहल विष भी शामिल था। 25 साल के उत्तराखंड को अपना बताने के लिए राज्य के पास बहुत कुछ है लेकिन इस चमक के बीच हलाहल विष भी बाहर आ जाता है। यूपी से अलग होते समय जैसे दृश्य यूपी की विधानसभा में देखने को मिले थेबीते 25 वर्षों की उपलिब्धयों और आने वाले 25 वर्षों के विकास पथ के नक्शे पर लेकिन बातें राज्य गठन के तौर-तरीके की, राज्य के भौगोलिक स्वरूप से छेड़छाड़ की और इतिहास को कुरेदने की हुई। पहाड़-मैदान भी हुआ, सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने राज्य के नींव के पत्थरों (बड़े नेताओं) को याद नहीं किया बल्कि उन्हें जबरन सदन में घसीटा। सरकार की ओर से सदन में एकता और उत्तराखंडियत को मजबूत करने की भरसक कोशिश हुई पर विष तो निकला ही है। उत्तराखंड को अभी विकास के अमृत काल की लंबी चढ़ाई चढ़नी है, ऐसे में इस विष से बचना होगा।बीते 25 वर्षों की उपलिब्धयों और आने वाले 25 वर्षों के विकास पथ के नक्शे पर लेकिन बातें राज्य गठन के तौर-तरीके की, राज्य के भौगोलिक स्वरूप से छेड़छाड़ की और इतिहास को कुरेदने की हुई। पहाड़-मैदान भी हुआ, सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने राज्य के नींव के पत्थरों (बड़े नेताओं) को याद नहीं किया बल्कि उन्हें जबरन सदन में घसीटा। सरकार की ओर से सदन में एकता और उत्तराखंडियत को मजबूत करने की भरसक कोशिश हुई पर विष तो निकला ही है। उत्तराखंड को अभी विकास के अमृत काल की लंबी चढ़ाई चढ़नी है, ऐसे में इस विष से बचना होगा।पहली बार विधानसभा के विशेष सत्र में तय समय से अधिक घंटे तक मंथन हुआ। अमृत के रूप में तमाम ऐसी बातें बाहर आईं जो राज्य के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा करती हैं। दरअसल उत्तराखंड जनभावनाओं को परिलक्षित करने वाला राज्य है, इसलिए भावनात्मक मुद्दे प्रगति और विकास के साथ स्वत: ही जुड़ जाते हैं। तमाम लोगों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का सपना देखा था। इसे उपलिब्ध ही मानेंगे कि गैरसैंण में अत्याधुनिक तकनीकी से लैस विधानसभा है और सत्र भी होते हैं। अब अहम सवाल है कि अगर स्थायी राजधानी बनती है तो क्या राज्य के नेता देहरादून को छोड़कर गैरसैंण रहने लगेंगे। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद भी गैरसैंण में रौनक रहेगी। विकास का पहिया वहां भी दौड़ेगा, इसका जवाब सरकार के साथ विपक्ष को भी देना होगा।मूल निवास प्रमाणपत्र भी एक भावनात्मक मुद्दा है। अपना अलग राज्य बनाने के लिए लोगों ने लंबा संघर्ष किया है। यातनाएं झेलीं और जान भी दी। ऐसे में उसे लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता है। इस सच्चाई से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि नए राज्य के गठन की विकास यात्रा में यहां के मूल निवासियों के साथ ऐसे लोग भी हैं जो राज्य गठन के पहले से और बाद में स्थायी रूप में जुड़े हैं।
इसका समाधान भी जल्द सरकार और विपक्ष को निकालना होगा। वर्तमान विधायकों में यूपी के उस सदन के साक्षी हैं, जब अलग राज्य के गठन की नींव पड़ी। 25 साल बाद ये चेहरे उत्तराखंड सदन में दिख रहे हैं। इन विधायकों के साथ मैदान से पहाड़ तक सभी विधायकों को मिल बैठकर ऐसे मुद्दों का समाधान कर लेना चाहिए, जो आपस में विषवमन कराते हैं।विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य की विकास यात्रा पर दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखी है। देवभूमि की आध्यात्मिक और शौर्य परंपराओं को इस छोटे राज्य की ताकत बताया है लेकिन आने वाले 25 वर्षों में युवा राज्य के सामने चुनौतियों की आत्म समीक्षा की ओर भी इशारा किया है। ऐसे में इस विशेष राज्य के पास आपदा, बाढ़, भूस्खलन, भूधंसाव जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अमृत के रूप में नदियां और प्राकृतिक धरोहर वाला चार दांत का ऐरावत हाथी है पर्यटन व तीर्थाटन के रूप में कामधेनु गाय है। हमारी धार्मिक विरासत, संस्कृति और परंपराओं वाला पांचजन्य शंख है, जो दुनिया भर में नाद करता है। अकूत संपदाओं का कल्पवृक्ष है जो आने वाली पीढ़ी की इच्छाएं पूरी करने में समर्थ है। विकास यात्रा के लिए मंथन जरूरी है लेकिन आने वाले उत्तराखंड को अमृतपान के साथ ही उस विष से भी दूर रखना होगा जो उत्तराखंडियत को नुकसान पहुंचा सकता है।बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने कहा कि हमने पहाड़ के तीन नेताओं को जिताकर लोकसभा भेजा है, हमारी मानसिकता गलत नहीं है। पहाड़ से विधायक बनते ही देहरादून, हल्द्वानी में मकान बना लेते हैं। कहा कि बार-बार डेमोग्राफी बदलने की बात कर रहे हैं, हमारी भी चिंता करें। दूसरे राज्य वालों के प्रमाणपत्र कैस बन रहे हैं। हम सब उत्तराखंड निवासी हैं, प्रदेश के विकास की बात करनी होगी। भविष्य के रोडमैप के बजाय पहाड़-मैदान पर चर्चा पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ मैदान छोड़ो, उत्तराखंड जोड़ो। कहा, राज्य बनने के बाद से आज तककर्मियों का वेतन नहीं बढ़ाया जा सका। वह आज भी गंभीर आर्थिक संकट के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। कहा, रजत जयंती पर विशेष सत्र हुआ तो आपदा पर क्यों नहीं किया गया।लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। *लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share7SendTweet4
Previous Post

डोईवाला: श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य समापन, श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति यज्ञ में लिया भाग

Next Post

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपलब्धियों को सराहते हुए, भविष्य का रोडमैप प्रस्तुत किया

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने सिख समाज के राष्ट्र निर्माण और तराई के विकास में योगदान को सराहा

September 10, 2026
5
उत्तराखंड

हिमालयी क्षेत्र में तेजी से हो रहे पर्यावरणीय और पारिस्थितिक बदलावों  त्रासदी का कारण!

September 10, 2026
6
उत्तराखंड

यूजेवीएन लिमिटेड में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती मनाई गई

September 10, 2026
8
उत्तराखंड

लोकगायक किशन महिपाल को डायट गौचर ने किया सम्मानित

September 10, 2026
5
उत्तराखंड

राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती समारोह उत्साह पूर्वक मनाया

September 10, 2026
7
उत्तराखंड

बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की यात्रा अपने छ्ठे़ पड़ाव सूना गांव पहुंची

September 10, 2026
6

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37381 shares
    Share 14952 Tweet 9345

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री धामी ने सिख समाज के राष्ट्र निर्माण और तराई के विकास में योगदान को सराहा

September 10, 2026

हिमालयी क्षेत्र में तेजी से हो रहे पर्यावरणीय और पारिस्थितिक बदलावों  त्रासदी का कारण!

September 10, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.