• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

वित्तीय अनियमितता के संदेह पर मांगा था स्पष्टीकरण, तब से मचा है बेवजह हंगामा: डीएफओ पंकज कुमार

27/11/18
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड
151
SHARES
189
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

वन विभाग में चल रहे हंगामे का अंत नहीं, डीएफओ ने बुलाई प्रेस वार्ता
अल्मोड़ा। यहां वन विभाग के कर्मचारियों व डीएफओ पंकज कुमार के बीच उत्पन्न विवाद के बीच आज डीएफओ ने बकायदा प्रेस वार्ता बुलाकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि 16 नवंबर को वह जांचकृपड़ताल को रेंज कार्यालय में गये थे। जहां अभिलेखों की जांच के दौरान कोसी परियोजना के क्रय में कुछ वित्तीय अनियमितता होने का उन्हें संदेह हुआ, जिस पर उन्होंने रेंज अधिकारी से जवाब मांगा। तब से ही उनके खिलाफ यह पूरा हंगामा शुरू हो गया।

डीएफओ ने कहा कि उन पर लगाये गये तमाम आरोप तथ्यहीन और पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने सीधा सवाल किया कि क्या कमियां पाये जाने पर किसी अधिकारी या कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगना उत्पीड़न है ? यदि ऐसा है तो यह उनका विशेषाधिकार है, जिसे कोई चुनौती नहीं दे सकता। वह राजकीय कार्यों को द्रुत गति से संपादित करा रहे हैं। इस पर उन पर उत्पीड़न का आरोप कैसे लग सकता है ? उन्होंने समूचे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वह 15 अक्टूबर को छुट्टी पर चले गये थे। चूंकि उनके माताकृपिता की तबियत खराब है। वापस 10 नवंबर को आये। 12 नवंबर को दफ्तर पहुंचे। 13 को अवकाश था अतएव 14 नवंबर को कोसी से संबंधित बैठक ली। 16 नवंबर को अल्मोड़ा रेंज के इंस्पेक्शन पर चले गये। इसी बीच 16 नवंबर को ही सारा हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने कार्यालय में विगत कई दिनों से चल रहे गतिरोध पर जवाब देते हुए कहा कि कर्मचारियों से उन्होंने कई बार वार्ता का प्रयास किया, लेकिन दोकृचार लोगों के बहकावे में वार्ता को टाल दिया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें यह महसूस हो रहा है कि कुछ कर्मचारियों को उच्चाधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण यह सब हरकतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उन पर जितने भी आरोप लगाये गये हैं उनको लेकर वह चुनौती देते हैं कि उनमें से एक को भी प्रमाणित करके दिखलायें। रिश्तेदारों को नौकरी पर रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी यहां रिश्तेदारी के नाम पर सिर्फ उनकी पत्नी है। जिसको कोई वेतन नहीं मिल रहा है। यहां शहर में तो उनका कोई दूरकृदराज तक का रिश्तेदार नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि 16 नवंबर को उन्होंने अल्मोड़ा रेंज का इंस्पेक्शन किया था। उन्होंने देखा कि कोसी पुर्नजनन योजना के तहत जो कैंपा प्रोजेक्ट से 2 करोड़ का बजट आया है उसके क्रय आदि में उन्हें कुछ संदेह हुआ। जिस पर उन्होंने रेंज अधिकारी संचिता वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा। जिसका जवाब उन्हें आज तक नहीं मिल पाया है। इसी बीच सारा विवाद शुरू हो गया और कर्मचारियों ने बिना बताये आपतकालीन बैठक बुला ली।

हमारी 24 घंटे की ड्यूटी होती है
अल्मोड़ा। पूरी प्रेस वार्ता में डीएफओ खुद पर लगे आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण देते दिखाई दिये। उन्होंने कहा कि उन पर आरोप है कि वह कर्मचारियों से निर्धारित से अधिक काम ले रहा हूं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग की ड्यूटी 24 घंटे की होती है। मजाकिया लहजे में कहा कि क्या कभी कोई गुलदार इंसान पर हमला कर देता है तो यह देखता है कि 5 बजे का आॅफिस टाइम ओवर हो गया है। यदि वह ऐसी किसी घटना की जांच पर अपने चालक के साथ गये हैं तो क्या वाहन चालक को घर वापस भेज सकते हैं ? दूसरे सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि वह कनिष्ठ सहायक से कोर्ट का काम ले रहे हैं तो इसमें क्या गलत है। वह एक अधिकारी हैं और उन्हें अपने स्टॉफ से सरकारी काम तो लेना ही होगा।

सूना पड़ा रहा कार्यालय, चायकृपानी पिलाने वाला तक नहीं, डीएफओ को लाने के लिए वाहन तक नहीं मिला
अल्मोड़ा। आज वन विभाग के कार्यालय का नजारा आज इस तरह था कि वहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। यहां तक कि डीएफओ को घर से लाने के लिए चालक भी उपलब्ध नहीं हो पाया। जिस कारण डीएफओ अपने व्यक्तिगत साधन से कार्यालय तक पहुंचे। हालत यह थी कि मीडिया कर्मियों को पानी पिलाने तक के लिए कोई उपलब्ध नहीं था। जिस पर डीएफओ ने सीधे शब्दों में कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र वर्मा ने उनके चालक कुंदन को भी डरायाकृधमकाया है। जिस कारण वह भी ड्यूटी नहीं दे रहा है।

कंजरवेटर कार्यालय में बैठे हैं सारे अधिकारी, अपना कार्यालय वीरान
अल्मोड़ा। आज हालत यह है कि सारे कर्मचारी इस बीच धार की तूनी स्थित कंजरवेटर कार्यालय में बैठकर अपने कार्यों का संपादन कर रहे हैं और माल रोड स्थित कार्यालय वीरान पड़ा है। कर्मचारी नेता कह रहे हैं कि वह डीएफओ पंकज कुमार के तबादलने की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। कोई कर्मचारी कार्य बहिष्कार या हड़ताल में नहीं है, बल्कि अपने उच्च अधिकारी के संरक्षण में काम कर रहे हैं।

Tags: almora-forest-officer
Share60SendTweet38
Previous Post

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तराखंड सर्वश्रेष्ठ श्रेणी के राज्यों में पुरस्कृत, प्रदर्शन की थीम थी ग्रामीण एमएसएमई

Next Post

उत्तराखंड: पुलिस महकमे में 700 सिपाहियों (महिला-पुरुष) की नई भर्ती, इसी सप्ताह जारी होगी विज्ञप्ति

Related Posts

उत्तराखंड

जनता ने पूछे सवाल, अफसरों ने दिये जवाब

January 21, 2026
12
उत्तराखंड

डोईवाला: चोरी की घटना को अजांम देने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार

January 21, 2026
28
उत्तराखंड

जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” के अन्तर्गत कंडारा में बहुउद्देशीय शिविर, 387 ग्रामीण लाभान्वित

January 21, 2026
11
उत्तराखंड

उत्तराखंड में जलस्रोतों पर गंभीर संकट

January 21, 2026
3
उत्तराखंड

सूखे की मार से सेब की बागवानी संकट में

January 21, 2026
3
उत्तराखंड

सिपेट में पीएम कौशल विकास योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा

January 21, 2026
7

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67592 shares
    Share 27037 Tweet 16898
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

जनता ने पूछे सवाल, अफसरों ने दिये जवाब

January 21, 2026

डोईवाला: चोरी की घटना को अजांम देने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार

January 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.