• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

देवभूमि से अटल जी का गहरा नाता था

16/08/21
in उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
AppleMark

AppleMark

139
SHARES
174
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला:

पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी देश के एकमात्र ऐसे राजनेता थे, जो चार राज्यों के छह लोकसभा क्षेत्रों की नुमाइंदगी कर चुके थे। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बलरामपुर, गुजरात के गांधीनगर, मध्यप्रदेश के ग्वालियर और विदिशा और दिल्ली की नई दिल्ली संसदीय सीट से चुनाव जीतने वाले वाजपेयी इकलौते नेता हैं।सरल व्यक्तित्व और ओजस्वी कंठ वाले अटल जी ऐसे थे कि अपने सामान का छोटा सा ब्रीफकेस भी खुद उठाते थे। वे ट्रेन से आते-जाते थे। उनके ब्रीफकेस में एक धोती-कुर्ता, अंतर्वस्त्र, एक रुमाल और एक टूथब्रश होता था केंद्र की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी साल 2014 से विराजमान है.

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कमान संभाले हुए हैं. 1980 में स्थापित हुई भाजपा की गिनती आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सबसे मजबूत पार्टी के रूप में की जाती है. पार्टी को स्थापित करने और बुलंदियों पर पहुंचाने के पीछे ‘युगपुरुष’ का महत्वपूर्ण योगदान रहा.राजनीतिक जगत में सबसे लोकप्रिय नेताओं में शुमार रहे अटल बिहारी वाजपेयी का. उनकी गिनती देश के उन गिने चुने नेताओं में होती है, जिन्‍हें सभी पार्टियों का स्‍नेह मिला मूल्यों और सिद्धांतों की राजनीति करने वाले अटलजी पर कभी कोई दाग नहीं लगा। जब जोड़-तोड़ की राजनीति से उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश हुई, तो उन्होंने कहा था कि ऐसी सत्ता को मैं चिमटे की नोंक से भी छूना पसंद नहीं करूंगा। 

देश के पूर्व पीएम की यह तीसरी पुण्‍यतिथि है। उनकी गिनती देश के उन गिने चुने नेताओं में होती है, जो कभी दलगत बंधन में रहे और जिन्‍हें सभी पार्टियों का स्‍नेह मिला।अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार साल 1996 में देश के प्रधानमंत्री बने थे। हालांकि तब उन्‍हें महज 13 दिनों में इस्‍तीफा देना पड़ा था, क्‍योंकि वह बहुम साबित नहीं कर पाए थे। 1998 में वह फिर से प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 1999 में तीसरी बार वह पीएम बने, जब 2004 तक वह अपने पद पर रहे और पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा 1977 के उनके भाषण को अब भी याद किया जाता है, जब हिंदी में उनके भाषणा के बाद सभागार तालियों से गूंज उठा था अटल जी की कविताओं में हिमालय हमेशा रहा। वजह ये भी रही है कि अटल सरकार के वक्त ही देश को 27वें राज्य के रूप में उत्तराखंड मिला था।

उसी वक्त अटल सरकार में ही उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था। उसी वक्त उत्तराखंड को औद्योगिक पैकेज की सौगात भी दी गई थी। उत्तराखंड में अटल बिहारी वाजपेयी ने श्रीनगर, छाम, नैनीताल, मसूरी, देहरादून में जनसभाएं भी की थी। ये बात सच है कि अगर 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड देश के मानचित्र पर 27वें राज्य के रूप में वजूद में आया, तो इसमें सबसे निर्णायक भूमिका अटल की ही थी। उत्तराखंड राज्य के निर्माण को लेकर बड़ा भयंकर आंदोलन चला था। साल 1996 में उन्होंने देहरादून दौरे के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की मांग पर विचार करने का भरोसा दिया था। वाजपेयी ने इस भरोसे को कायम रखा और इस बात पर विचार करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद नए उत्तराखंड राज्य की स्थापना वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के दौरान ही हुई। साल 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी नैनीताल पहुंचे थे।

उस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के लिए 10 साल के विशेष औद्योगिक पैकेज की घोषणा की थी। ये एक दूरदर्शी सोच थी। एक नवोदित राज्य को उन्होंने अपने पैरों पर खड़े होने का मौका दिया था। खास बात ये है कि अटल जी को मसूरी बेहद पसंद था। जब भी अटल को मौका मिलता, वो मसूरी आकर पहाड़ों के बीच अपना वक्त गुजारते थे। देहरादून की सड़कों पर 1975 के वक्त अटल अपने दोस्त नरेंद्र स्वरूप मित्तल के साथ स्कूटर पर सफर किया करते थे उनके कार्यकाल में भारत ने परमाणु परीक्षण कर यह क्षमता हासिल की थी. इसके साथ संयुक्त राष्‍ट्र महासभा 1977 के उनके भाषण को अब भी याद किया जाता है, जब हिंदी में उनके भाषण के बाद सभागार तालियों से गूंज उठा था. नेता के साथ देशवासी अटल जी को कवि के रूप में भी पसंद करते हैं. अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक और क़िस्सा है जिसने उनका पीछा कभी नहीं छोड़ा.

हालांकि यह क़िस्सा सभी के लिए विवाद नहीं है. कांग्रेस इस क़िस्से को वक़्त-वक़्त पर ख़ुशी से याद करती रहती है. यह बात 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध से जुड़ी हुई है. तब भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराया था. उस युद्ध के बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए और बांग्लादेश अस्तित्व में आया. वाजपेयी न सिर्फ प्रखर राजनेता थे बल्कि कलम के जादूगर भी थे. उन्होंने अपने जीवनकाल में कई कविताएं लिखी. बतौर पीएम और नेता उन्हें जनता का जितना प्यार मिला उतना ही प्यार और सम्मान उनकी कविताओं को भी मिला. जीवन का नजरिया बदले वाली उनकी कविताओं ने लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

उन्होंने कहा था, ‘लेकिन, चूंकि मैं राजनीति में दाख़िल हो चुका हूं और इसमें फंस गया हूं, तो मेरी इच्छा थी और अब भी है कि बगैर कोई दाग लिए जाऊं और मेरी मृत्यु के बाद लोग कहें कि वह अच्छे इंसान थे जिन्होंने अपने देश और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश की थी. राजनीति काजल की कोठरी है. जो इसमें जाता है, काला होकर ही निकलता है. ऐसी राजनीतिक व्यवस्था में ईमानदार होकर भी सक्रिय रहना,बेदाग छवि बनाए रखना, क्या कठिन नहीं हो गया है? अटल बिहारी वाजपेयी का सार्वजनिक जीवन बहुत ही बेदाग और साफ सुथरा था इसी बेदाग छवि और साफ सुथरे सार्वजनिक जीवन की वजह से अटल बिहारी वाजपेयी जी का हर कोई सम्मान करता था। उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक थे। पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी के लिए राष्ट्रहित सदा सर्वोपरि रहा। तभी उन्हें राष्ट्रपुरुष कहा जाता था। पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी की बातें और विचार सदां तर्कपूर्ण होते थे और उनके विचारों में जवान सोच झलकती थी। यही झलक उन्हें युवाओं में लोकप्रिय बनाती थी

Share56SendTweet35
Previous Post

जिलाधिकारी ने रांसी स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण किया

Next Post

पब्लिक इण्टर कालेज सुरखेत में 75वां स्वाधीनता दिवस तिरंगा यात्रा के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया

Related Posts

उत्तराखंड

श्रीलंका के सिविल सर्वेंट्स ने एसडीआरएफ मुख्यालय में किया अध्ययन भ्रमण

May 4, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: घीसरपड़ी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के लिए सिंचाई नहर को किया ध्वस्त

May 4, 2026
27
उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल एवं असम में भाजपा जनता पार्टी के प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करने पर देवाल के भाजपाइयों ने विजय जुलूस निकाल कर जश्न मनाया

May 4, 2026
5
उत्तराखंड

प्रसून जोशी प्रसार भारती के अध्यक्ष नियुक्त

May 4, 2026
9
उत्तराखंड

लाखों रुपयों किलो में बिकने वाले कीड़ा जड़ी यारसा गंबू

May 4, 2026
8
उत्तराखंड

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर सीएम धामी सख्त, जताई कड़ी नाराजगी

May 4, 2026
8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67682 shares
    Share 27073 Tweet 16921
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37442 shares
    Share 14977 Tweet 9361
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

श्रीलंका के सिविल सर्वेंट्स ने एसडीआरएफ मुख्यालय में किया अध्ययन भ्रमण

May 4, 2026

डोईवाला: घीसरपड़ी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के लिए सिंचाई नहर को किया ध्वस्त

May 4, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.