• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

औली बना डेजर्ट स्पॉट शीतकालीन खेलों पर खतरा!

30/12/25
in उत्तराखंड, चमोली, देहरादून
Reading Time: 1min read
10
SHARES
13
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
पूरे देश में एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मानक प्राप्त औली आइस स्लोप के चलते उत्तराखंड को एलॉट हुए नेशनल विंटर इवेंट पर्यटन विभाग की बाट जोह रहे हैं. उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली हिमालय की गोद में है. यहां सलालम, जायंट सलालम और स्नोबोर्डिंग जैसे इवेंट्स होते हैं. ये सब खूबियां इसे भारत का विंटर टूरिज्म सुपर जोन बनाती हैं. नेशनल विंटर गेम्स की तारीखें नजदीक आती जा रही हैं, लेकिन उत्तराखंड विंटर गेम्स एसोसिएशन का कहना है कि पर्यटन विभाग ने अभी तक इन्हें लेकर खास रुचि नहीं दिखाई है. उत्तराखंड में पर्यटन विभाग भले ही पर्यटन की नई संभावनाएं तलाशने का दावा करता है, लेकिन साल 1979 से उत्तराखंड में लगातार होते आ रहे औली विंटर गेम्स को लेकर इस बार पर्यटन विभाग कोई खास रुचि दिखाता नजर नहीं आ रहा है. यह तब हो रहा है जब भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा उत्तराखंड के औली में विंटर गेम अलॉट किए गए हैं. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा हिमाचल और जम्मू कश्मीर को छोड़कर उत्तराखंड को नेशनल विंटर गेम अलॉट करने के पीछे भी एक बड़ी वजह है. वह वजह है देश में मात्र औली आइस स्लोप का इंटरनेशनल स्की एंड स्नोबोर्ड फेडरेशन से मान्यता प्राप्त होना. देखी जा रही हैआसमान में बादलों की चहल कदमी से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है. बावजूद इसके औली से गोरसों तक के पैदल रूट पर फिलहाल बुग्यालों में जबरदस्त धूल मिट्टी के गुबार उड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे हॉर्स राइडिंग का लुत्फ उठाने वाले हिमालयी क्षेत्रों में क्लाइमेट चेंज के कारण बर्फबारी के पैटर्न में आए बदलाव का असर उत्तराखंड की विंटर डेस्टिनेशन औली में साफ नजर आ रहा है. बिना बारिश और बर्फबारी के कारण हिम क्रीड़ा स्थल औली समेत गोरसों बुग्याल पूरी तरह सूखा नजर आ रहा है. हालांकि, आज एक बार फिर से क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता पर्यटकों और पैदल डे हाइकिंग करने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पूरा शीतकालीन पर्यटन स्थल औली इन दिनों सूखा डेजर्ट नजर आ रहा है. यही हाल नंदा देवी इंटर नेशनल स्की स्लोप का भी है, जिसमें न तो कृत्रिम बर्फ बन सकी है और न ही प्राकृतिक बर्फबारी हुई है. पूरा 1.3 किमी का इंटर नेशनल दक्षिण मुखी स्की स्लोप इन दिनों सहारा मरुस्थल की तरह नजर आ रहा है. जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में औली की मेजबानी में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों का आयोजन होना है. औली की ढलानों पर डेढ़ दशक पूर्व लगाए गए विदेशी आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम पर जंग लगने के कारण अब ये बर्फानी खेल एक बार फिर से पूरी तरह प्राकृतिक बर्फबारी पर निर्भर हो गए हैं. हालांकि क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों समेत शीतकालीन खेलों के आयोजकों को अभी भी उम्मीद है कि जनवरी माह की शुरुआत में ही अच्छी बर्फबारी होगी और विंटर डेस्टिनेशन औली बर्फबारी के बाद फिर से गुलजार हो सकेगी. औली में पर्यटकों की चहल पहल तो बढ़ रही है और घोड़ा खच्चर संचालकों समेत चेयर लिफ्ट में भी अच्छी भीड़ नजर आ रही है. बाबजूद, इसके पर्यटन एक्टिविटी कराने वाले स्थानीय पर्यटन व्यवसायी मायूस नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि बर्फबारी देखने आए पर्यटकों को यहां बर्फ नहीं मिलने पर मायूसी हाथ लग रही है.लिहाजा चेयर लिफ्ट राइड करते हुए पर्यटक और औली, गोरसों बुग्याल की सूखी ढलानों में धूल के उड़ते ग़ुबारों के बीच हॉर्स राइडिंग करते हुए दोपहर बाद वापस अपने गंतव्य को लौट रहे हैं. जिस कारण गाइडों और एक्टिविटी कराने वाले युवा काफी निराश हैं. ऐसे में अब बर्फबारी का इंतजार करते पर्यटकों और पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि जल्द हिम क्रीड़ा स्थल औली में इस सीजन की पहली बर्फबारी होगी और शीतकालीन पर्यटन फिर परवान चढ़ेगा और औली बर्फबारी के बाद गुलजार होगी. उत्तराखंड विंटर गेम्स संगठन के सेक्रेटरी का कहना है कि अभी दिसंबर का महीना है और हमेशा जनवरी-फरवरी और मार्च महीने में ही बर्फबारी होती है. उन्हीं महीनों में विंटर गेम्स किए जाते हैं. अभी यह कहना कि बर्फबारी नहीं है, यह जल्दबाजी होगा. बात केवल औली की नहीं है, पूरे हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होनी है, और हर साल होती है. सिर्फ औली ही नहीं, बल्कि खेलो इंडिया के तहत जम्मू कश्मीर में भी इसी तरह से बर्फबारी का इंतजार किया जा रहा है. वहां पर भी इसी तरह की स्थिति है. यही वजह है कि विंटर गेम्स की तिथि जनवरी-फरवरी मार्च में रखी जाती है. और बात जहां तक औली की है तो पिछले कई दशकों से विंटर गेम्स, औली का एक बड़ा ‘त्यौहार’ बन गया है. जिसे जोशीमठ के लोग हर साल बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं. सभी लोगों को उम्मीद है कि हर साल की तरह इस साल भी नेशनल विंटर गेम्स के कारण औली और जोशीमठ फिर से गुलजार होगा. एक बार फिर देश-विदेश के एथलीट औली में नजर आएंगे. उत्तराखंड में कई हिल स्टेशन हैं, जो अपनी खूबसूरती की वजह से दुनियाभर में फेमस है. इन्हीं में एक विंटर डेस्टिनेशन औली है. जहां सर्दियों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों इस पर्यटक स्थल पर पर्यटकों की आमद न के बराबर है. जिससे स्थानीय कारोबारियों के चेहरों का रंग फीका सा नजर आ रहा है. वहीं, लंबे समय से बंद औली रोपवे को सुचारू करने की मांग हो रही है. ताकि, पर्यटकों की आमद बढ़ाया जा सके. साल 2026 में 19 जनवरी से 24 जनवरी के बीच औली में नेशनल विंटर गेम्स यानी आइस स्कीइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होंगी. इस बार अल्पाइन के दोनों इवेंट सलालम और GS, स्नोबोर्डिंग व नॉर्डिक के सभी इवेंट होंगे. इसके अलावा स्की माउंटेनियरिंग के इवेंट भी अलॉट हुए हैं.लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।

Share4SendTweet3
Previous Post

डोईवाला: शिविर में 890 लाभार्थियों को मिला सेवाओं का लाभ

Next Post

उत्तराखंड में टनल पार्किंग का सपना इस साल भी रह गया अधूरा !

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया

April 21, 2026
7
उत्तराखंड

चारधाम यात्रा पर साइबर ठगों की नजर

April 21, 2026
8
उत्तराखंड

नृसिंह मंदिर में पंच पूजा के उपरांत मुख्य पुजारी श्री रावल आद्य जगदगुरु शंकराचार्य की गद्दी, गाड़ू घड़ी -तेल कलश एवं विष्णु वाहन गरुड़ के साथ श्री बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया

April 21, 2026
16
उत्तराखंड

अंबेडकर के आदर्शों से ही मजबूत होगा राष्ट्र: डॉ. भसीन

April 20, 2026
21
उत्तराखंड

सीमांत बलाण गांव में प्रसव पीड़ा झेल रही महिला को एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजा

April 20, 2026
8
उत्तराखंड

सुदूरवर्ती गांव बलाण में बहुप्रतीक्षित मोटर सड़क का आगामी 22 अप्रैल को थराली विधायक भूपाल राम टम्टा भूमि पूजन करेंगे

April 20, 2026
10

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67671 shares
    Share 27068 Tweet 16918
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37329 shares
    Share 14932 Tweet 9332

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड स्थित शिव मंदिर के निर्माणाधीन पुल का स्थलीय निरीक्षण किया

April 21, 2026

चारधाम यात्रा पर साइबर ठगों की नजर

April 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.