डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। अखिल भारतीय किसान सभा के डोईवाला मंडल की बैठक में मंडल सचिव याकूब अली ने संगठन का एजेंडा प्रस्तुत किया। इसमें सदस्यता अभियान की समीक्षा, भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन, दिल्ली में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा एवं संयुक्त ट्रेड यूनियनों के कन्वेंशन में भागीदारी तथा किसान, मजदूर और आम जनता के मुद्दों को लेकर प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन की तैयारियों पर चर्चा की गई।
शनिवार को गन्ना समिति के किसान सभागार में आयोजित बैठक में मंडल उपाध्यक्ष ज़ाहिद अंजुम ने कहा कि किसान सभा की सदस्यता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। प्रत्येक नए सदस्य को किसान परिवारों से जोड़कर उनकी समस्याओं के समाधान और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष बलबीर सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील देश के किसानों, मेहनतकश जनता और आम आदमी के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिकी साम्राज्यवाद की कठपुतली बन चुकी है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में 22 जुलाई को डोईवाला चौक पर अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया जाएगा।
उपाध्यक्ष सरजीत सिंह एवं अनूप कुमार पाल ने बताया कि 29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक दिवसीय कन्वेंशन में डोईवाला किसान सभा के पांच प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक में कोषाध्यक्ष जसबीर सिंह, संयुक्त सचिव मलकीत सिंह, हरबंस सिंह, राशिद अली, बलवीर सिंह बिंदा, गुरचरण सिंह, हरीश शर्मा, जगजीत सिंह, शमशाद अली, पूरन सिंह, रविंद्र सिंह, प्रेम सिंह पाल, सिमरन कौर आदि रहे।











