देहरादून। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए पिछले २७ सालों से सतत कार्य करने और सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर भागीदारी करने वाले दी दून स्कूल के गणित अध्यापक चन्दन घुघत्याल को यूएनडीपी का सतत विकास लक्ष्य एसडीजी पुरस्कार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियोजन और गुड गवर्नेंस विभाग द्वारा आयोजित पुरुस्कार सम्मारोह में दिया।
चन्दन घुघत्याल पिछले कई सालों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों से संवाद बनाते आ रहे हैं। बच्चों को किताबे और शूज बितरित करना, लाइब्रेरी डेवेलोप करना और कई विद्यालयों में वाटर प्यूरीफायर लगाना सहित कई कार्य अब तक इन्होने किया हैं। गरीब बच्चों को स्कालरशिप भी अपने सिमित साधनों से देते हैं। छुट्टियों में गांव गांव जाकर करियर काउंसलिंग देकर बच्चों को समय का सदुपयोग करने और बच्चों के स्किल डेवलेपमेंट के कार्यक्रम चलाते आ रहे हैं। अपने छात्रों और परिजनों के सहयोग से महामारी के समय भी श्री घुघत्याल ने ऑनलाइन माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की बिभिन्न विषयों की पढाई जारी रखी।
चन्दन घुघत्याल सभी राष्ट्रीय अभियानों जैसे पढ़े इंडिया बढे इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, समग्र शिक्षा सहित अनेकों सामाजिक कार्यों में भाग लेते आये हैं। नयी शिक्षा नीति २०२० पर भी व्यापक अध्ययन कर एससीइआरटी के माध्यम से अपने सुझाव इन्होंने दिए हैं। राज्य में गणित प्रयोगशाला की अनिवार्यता और गणित प्रदर्शनी के माध्यम से गणित को रुचिकर बनाने की दिशा में भी इनका सहयोग रहा है। कोविड महामारी के दौरान बच्चों की ऑनलाइन क्लास के साथ ही, उत्तराखंड के डाइट्स के साथ सहयोग कर अध्यापकों को गूगल फॉर्म और गूगल क्लासरूम को प्रभावी बनाने में इनके सहयोग को शिक्षा विभाग ने काफी सराहा है।
श्री घुघत्याल ने इस परस्कार का श्रेय अपने विद्यालय के हेडमास्टर डॉ जगप्रीत सिंह, दून स्कूल के बच्चों, अपने सहयोगियों और अपने परिवार के सदस्यों को दिया। अपने अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले २७ लोगों को श्री धामी ने प्रशस्ति पत्र और मैडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नियोजन सचिव रंजीत सिन्हा, पूर्व मुख्य सचिव रवि शंकर, सी पी पी जी जी के मुख्य कार्याधिकारी डॉ मनोज पंत, दून यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफ सुलेखा डंगवाल, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ नेगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।











