डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड में जारी चार धाम यात्रा इस वर्ष एक बार फिर आस्था, उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम बनकर उभर रही है. देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु भगवान केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. यात्रियों की बढ़ती संख्या जहां एक ओर इस यात्रा की लोकप्रियता और धार्मिक महत्व को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ा रही है.उत्तराखंड में जारी चार धाम यात्रा इस वर्ष एक बार फिर आस्था, उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम बनकर उभर रही है. देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु भगवान केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए लगातार पहुंच रहे हैं. यात्रियों की बढ़ती संख्या जहां एक ओर इस यात्रा की लोकप्रियता और धार्मिक महत्व को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ा रही है. इसके बावजूद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है.चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. कई बार यह संख्या निर्धारित क्षमता से भी अधिक हो जाती है, जिससे सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य प्रमुख पड़ावों पर अचानक भीड़ बढ़ने लगती है. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा यात्रा से पहले ही विस्तृत एडवाइजरी और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी की गई थी, लेकिन कुछ श्रद्धालु इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और निर्धारित मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों से यात्रा करने की कोशिश कर रहे हैं. यही कारण है कि कुछ स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बन रही हैचारधाम यात्रा मार्ग पर बार-बार जाम लगने से यात्रियों के साथ स्थानीय का भी शेड्यूल बिगड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि तीन दिन के सफर में दस दिन लग रहे हैं।यात्रा पर पटना से आए यात्रियों ने बताया कि कदम-कदम पर जाम लग रहा है। तीन दिन के सफर में दस दिन लग गए हैं। पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से सड़क किनारे वाहन खड़े किए गए हैं जिससे कई बार जाम की स्थिति बन रही है। वहीं यात्रि ने बताया कि लगा था एक सप्ताह में यात्रा आसानी से पूरी हो जाएगी लेकिन अभी तक 12 दिन हो चुके है और घर पहुंचते-पहुंचते 15 दिन बीत जाएंगे।चालक बताते हैं कि बदरीनाथ और केदारनाथ दर्शन के लिए सवारियों को लेकर आए थे लेकिन एक घंटे का रास्ता तय करने में ही दोगुना समय लग जा रहा है।श्रीनगर, धारीदेवी, फरासू और सिरोहबगड़ में वाहनों की आवाजाही धीमी है। यहां वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रे हैं। रुद्रप्रयाग के बाद कमेड़ा-टू में नदी किनारे सुरक्षा कार्य के कारण सड़क सिंगल लेन की हो गई है। सुबह और रात में दोनों ओर से वाहनों के आने पर जाम लग रहा है। दिन में ड्यूटी कर्मी एक-एक कर वाहनों को रवाना कर रहे हैं। ऐसे में यहां वाहनों की कतारें लग रही हैं। कर्णप्रयाग में सड़क चौड़ीकरण न होने से भी वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बदरीनाथ धाम में यातायात व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यात्रा में बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदरीनाथ धाम में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। हर दिन हजारों श्रद्धालु धाम में दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। इसी के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गढ़वाल आयुक्त ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे पूरी निष्ठा से निभाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई थीं, लेकिन उन्हें शीघ्र ही दुरुस्त कर दिया गया है. जहां-जहां जाम की स्थिति बनी थी, वहां भी तेजी से सुधार किया जा रहा हैराज्य सरकार द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, हेल्पलाइन नंबर, कंट्रोल रूम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी उपयोग किया जा रहा है. इससे यात्रियों की ट्रैकिंग और प्रबंधन में काफी मदद मिल रही है. साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार चार धाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. जरूरत है कि श्रद्धालु भी सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और एसओपी का पालन करें, ताकि उनकी यात्रा सुखद और सुरक्षित बन सके. यदि सभी लोग मिलकर सहयोग करें, तो यह पवित्र यात्रा और भी सफल और यादगार बन सकती है.गढ़वाल आयुक्त ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे पूरी निष्ठा से निभाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई थीं, लेकिन उन्हें शीघ्र ही दुरुस्त कर दिया गया है. जहां-जहां जाम की स्थिति बनी थी, वहां भी तेजी से सुधार किया जा रहा है.राज्य सरकार द्वारा डिजिटल रजिस्ट्रेशन, हेल्पलाइन नंबर, कंट्रोल रूम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं का भी उपयोग किया जा रहा है. इससे यात्रियों की ट्रैकिंग और प्रबंधन में काफी मदद मिल रही है. साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार चार धाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. जरूरत है कि श्रद्धालु भी सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और एसओपी का पालन करें, ताकि उनकी यात्रा सुखद और सुरक्षित बन सके. यदि सभी लोग मिलकर सहयोग करें, तो यह पवित्र यात्रा और भी सफल और यादगार बन सकती है.।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.











