डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। देशभर में इन दिनों युवाओ के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से चर्चित हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के निर्माण, यूथ में बढ़ती लोकप्रियता आदि सम्बंधित विषयों के बारे में प्रख्यात कवि एवं कथावाचक डॉ. कुमार विश्वास से सवाल पूछे गए तो उन्होंने अपने विशेष व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
शनिवार को लेखक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बचपन में उनकी मां ने उन्हें बताया था कि कॉकरोच अंधेरे में रहता है और झुंड में पनपता है। वह हर सुंदर वस्तु पर आक्रमण करता है तथा बनी-बनाई व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। उन्होंने आगे कहा कि कॉकरोच एक त्याज्य जीव है यदि इस तरह की प्रवृत्तियां पैदा हुई हैं तो देश में हीट भी बने हैं। अपने चिर-परिचित व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने कहा कि इस समय देश में बहुत सारे ‘हीट’ जागृत हैं और अंततः कॉकरोचों का इलाज हो जाएगा।
इसके अलावा, उन्होंने युवाओं से मोबाइल पर अत्यधिक समय बिताने से बचने और भारतीय भाषाओं के प्रति गर्व का भाव विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा भारतीय संस्कृति और साहित्य से जुड़ रहे हैं, जो सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
लेखक गांव को इस परिवर्तन यात्रा का प्रवेश बिंदु बताते हुए मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के प्रति गर्व का भाव विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लेखक गांव केवल एक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और संवेदनाओं का जीवंत केंद्र बनता जा रहा है, जहां नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ना सीख रही है।
यहां आने वाला प्रत्येक युवा केवल कविता नहीं सीखता, बल्कि भारतीयता की आत्मा को महसूस करता है। अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि आपको एक कविता लिखनी है तो पहले हजार कविताएं पढ़नी होंगी।











