डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने डोईवाला क्षेत्र के जौलीग्रांट और रानीपोखरी में गैस डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 11 एलपीजी गैस सिलेंडरों में मानक से कम गैस पाई गई। टीम ने इन सिलेंडरों को साक्ष्य हेतु गैस गोदामों के सुपुर्द कर मामले के निस्तारिकण तक बिक्री के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
बुधवार को विधिक माप विज्ञान विभाग की ऋषिकेश टीम ने डोईवाला गैस सर्विस और भारत गैस के डिलीवरी वाहनों का जौलीग्रांट क्षेत्र में निरीक्षण किया। इसके अलावा रानीपोखरी में भी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कुछ सिलेंडरों में 200 ग्राम से लेकर पांच किलोग्राम तक गैस कम पाई गई।
वरिष्ठ निरीक्षक जगदीश उनियाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के क्रम में डोईवाला क्षेत्र में तीन गैस एजेंसियों के डिलीवरी वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 11 सिलेंडरों में निर्धारित मानक से कम गैस पाई गई, जो विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि जौलीग्रांट क्षेत्र में इंडियन गैस और भारत गैस के पांच-पांच सिलेंडरों तथा रानीपोखरी में एक सिलेंडर में निर्धारित मात्रा से कम गैस मिली। मामले में संबंधित गैस एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सिलेंडरों में कम गैस होने की लगातार शिकायतें और सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। टीम में निरीक्षक प्रदीप रावत, प्रदीप रतूड़ी आदि शामिल रहे।











