
रिपोर्ट-सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग जिले की हॉट सीट बन गई है, उत्तराखंड में चुनाव के लिए लगभग 2 हफ्ते शेष रह गए है और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी प्रत्याशी पूरे दमखम के साथ चुनाव प्रचार में लग चुके हैं। वहीं रूद्रप्रयाग विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मातबर सिंह कंडारी के मैदान में उतरने से अब मुकाबला रोचक बनते नजर आ रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कॉग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर चुनाव प्रचार तेज कर दिया है, शनिवार को उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांव का भ्रमण किया जिनमें गंधारी, धारकोट, मदोला, भरवाडी, कोठगी, छिनका अंतर्गत सिद्रवांणी, सारी, बेसोड़, चमसील, नगरासू, शिवानन्दी, रतूड़ा, सुमेरपुर और तिलणी आदि शामिल हैं।
जनंसपर्क के दौरान स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ मातबर सिंह कंडारी का स्वागत एवं अभिनंदन भी किया। कंडारी ने कहा कि रूद्रप्रयाग के बेहतर विकास के लिए 14 फरवरी को मतदान अवश्य करें। मातबर सिंह कंडारी ने कहा कि उनकी सीधी टक्कर भाजपा प्रत्याशी भरत सिंह चौधरी से है, कॉग्रेस ने कमजोर प्रत्याशी को मैदान मे उतारकर गलती की है।
गौरतलब है कि मातबर सिंह कंडारी ने कांग्रेस पार्टी से टिकट की मांग की थी। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा और अंकुर रौथाण ने भी टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। लेकिन कांग्रेस हाई कमान ने प्रदीप थपलियाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया। साल 2017 में प्रदीप थपलिया ने कांग्रेस पार्टी के विरूद्ध बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था, जिससे कॉग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे व्यक्ति को टिकट दिए जाने पर रूद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कमेटी के सभी लोग काफी नाराज़ हैं। अपना आक्रोश प्रकट करते हुए सर्वसम्मित से सभी ने मिलकर मातबर सिंह कंडारी को मैदान में उतारा है।

वहीं मातबर कंडारी से यह पूछे जाने ओर कि क्या अपना नामांकन वापस लेंगे, तो उन्होंने साफ इंकार करते हुए कहा कि नाम वापसी का कोई मतलब नहीं होता, ऐसी गलत अफवाह विपक्षी प्रत्याशी फैला रहे होंगे। अब तो सीधी लड़ाई मैदान मे होगी।यानि कि आने वाले समय मे कॉग्रेस के लिए गुटबाजी शुभ संकेत नही है।

मातबर सिंह कंडारी के साथ चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा, अंकुर रौथाण, ठाकुर गजेंद्र पंवार, होशियार सिंह रावत, लव कंडारी, डॉ अंकित नेगी, अक्की पंवार, नरेंद्र टम्टा, अन्दीप नेगी, संजय जग्गी, मनोज जग्गी, सुनील नेगी, सुभाष नेगी, आशीष कुमार, मनीष कुमार, विक्की सिंह, हयात कंडारी, ताजबर भारती सहित अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।











