
विश्व दार्शनिक दिवस पर राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में संगोष्ठी का आयोजन
कमल बिष्ट।
यमकेश्वर। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से विश्व दार्शनिक दिवस पर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय विथ्याणी में संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा हमारी दिशा व दशा तय करती है। अभी शिक्षा पर बहुत कुछ कार्य करने की आवश्यकता है। जो बच्चे गरीबी के कारण उच्च शिक्षा नहीं ले पाते हैं, उनके लिए ओपन बोर्ड वरदान साबित हो रहा है। यहां दूर दराज से भी अवैधनाथजी व आदित्यनाथ योगी जी ने एक महाविद्यालय खोला है। अब इसे संभालना हमारा कार्य है। उन्होंने छात्र संघ भवन, पुस्तकालय भवन बनाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने ओपने बोर्ड के कुलपति डॉओपीएस नेगी से यहां बीएससी एमएससी के पाठ्यक्रम भी शामिल करने व ओपन बोर्ड का परीक्षाकेंद्र भी बिथ्याणी में खोलने को कहा। विधायक ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि रहने की प्रकृति वाले बच्चे ऊंचा मुकाम हासिल नहीं कर सकते, नई शिक्षा नीति में विषय कंवीनेशन की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इससे शिक्षार्थी अपनी पसंद के विषय चुन सकते हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति डॉओपीएस नेगी ने कहा कि यदि बच्चों में हुनर है तो वह एकलब्य बन सकता है। ओपन बोर्ड से घर बैठे कोई भी शिक्षा ग्रहण कर सकता है। अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा प्रदान करना बोर्ड का लक्ष्य है।
प्राचार्य एमपी नगवाल, डॉ राम सिंह सामंत, डॉ उमेश त्यागी, नीरज नौटियाल, महेंद्र बिष्ट आदि ने महाविद्यालय का इतिहास व समस्या रखी। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले विद्यादत्त रतूड़ी, सुशील नौटियाल, महावीर कुकरेती, विजय लखेड़ा, जयप्रकाश रतूड़ी, बंशीधर पोखरियाल, गंगा देवी, संजय शास्त्री आदि को सम्मानित किया गया। इस दौरान मेधावी छात्र.छात्राएं भी सम्मानित की गई। आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की माता सावित्री देवी को भी सम्मानित किया गया। ओपन बोर्ड के डॉ सिद्धार्थ पोखरियाल, विक्रम रौथाण, चंडी प्रसाद कुकरेती, रमेश गौड़, अश्वनी गुप्ता, विजय सती, ज्येष्ठ उप प्रमुख दिनेश भट्ट, विनोद जुगरान, सत्या हर्षवाल, सत्या नेगी आदि प्रतिनिधि व छात्र अभिभावक मौजूद रहे।











