पिथौरागढ, 14 जुलाई 2025
भाव, राग, ताल, नाट्य अकादमी पिथौरागढ़ की एक महीने तक चली नाट्य कार्यशाला का प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हो गया है। कार्यशाला के समापन पर शंकर शेष द्वारा लिखित नाटक एवं प्रीति रावत के निर्देशन में “एक और द्रोणाचार्य” नाटक का शानदार मंचन किया गया। इस नाट्यप्रस्तुतिने महाभारतकालसे लेकरवर्तमानदौर तक शिक्षकों की समाज में चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को जीवंत करके रख दिया। नगरनिगम सभागार में आयोजित इस नाट्यमंचनने दर्शकोंको उद्वेलितकरदिया।
भाव राग ताल नाट्य एकेडमी के निदेशक कैलाश कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय, मंचीय गतिविधियाँ और रंगमंच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को वॉइस ट्रेनिंग, फिजिकल एक्सरसाइज़, तथा रंगमंचीय अभ्यासों के माध्यम से फोकस, अनुशासन, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता जैसे महत्वपूर्ण गुणों को सीखने का अवसर मिला। यह कार्यशाला सिर्फ मंचीय कौशल तक सीमित न रहकर प्रतिभागियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का माध्यम बनी। अभ्यासों के ज़रिए उन्हें स्वयं की अभिव्यक्ति और टीमवर्क का भी गहन अनुभव हुआ। कार्यशाला की खास बात यह है कि इसके अंतर्गत एक नाट्य-प्रस्तुति भी तैयार की गई जिसमें नाटक ‘एक और द्रोणाचार्य’ का मंचन किया गया। मंचन में प्रतिभागियों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्हें वास्तविक रंगमंचीय अनुभव प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला में रंगमंच से जुड़े हुए और रंगमंच के क्षेत्र में कार्य करने वाले ललित सिंह पोखरिया, सिने अभिनेता हेमन्त पाण्डेय, हिमांशु जोशी और राजीव पांडे, ज़िला सूचना अधिकारी संतोष चंद द्वारा प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया गया, उन्हें रंगमंच के बारे में बताया और रंगमंच के महत्व को बताया गया।अकादमी का उद्देश्य नई पीढ़ी को रंगमंच से जोड़ना, उनकी रचनात्मक क्षमताओं को निखारना और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है।
नाटक के समापन समारोह में अतिथि श्री राम सिंह, ललित पंत, मोहन लाल वर्मा, जगदीश कलौनी, आलोक चौधरी, पंडित हेमंत महाराज मौजूद रहे। उन्होेंने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
नाटक में मुख्य पात्र दीपक मण्डल, दीपक राणा, प्रीति रावत,अंकित पाण्डे, आदर्श रावत, सपना, तनुजा, साक्षी, सिद्धार्थ, दिनेश, दीपक, पंकज, अभिषेक पटेल, संजू, राजेश सामंत, चुलकोटिया, हंसा, विशाल विनीता, अनुराधा, शीला कोश्यारी आदि ने बेहतरीन अभिनय किया। समापन समारोह का संचालन विप्लव भट्ट ने किया।