• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

कैसे चलेगा सरकार ? बारिश के मौसम में आपदा का डर, ऊपर से बिजली भी गायब

03/07/21
in अवर्गीकृत, उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
206
SHARES
258
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

थराली से हरेंद्र बिष्ट। पिछले लंबे समय से पिंडर घाटी की जनता हल्की बूंदाबांदी होने से एक दम से दहशियत में आ जाती हैं। बूंदाबांदी होने अथवा बारिश होने की संभावनाओं के बाद क्षेत्र के लोग को अपने तमाम कामों को छोड कर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्थाओं को जुटने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं।

यह पिछले कई वर्षों से एक नियति सी बन गई हैं। अभी पिछले महीने ही 18 से 22 जून तक पूरे  पांच  दिनों तक पिंडर घाटी की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप होने के कारण यहां के लोगों की रातें अंधेरों में ही गुजरी थी। अभी इन पांच दिनों तक अंधेरों में अपनी रातें गुजारने का दर्द भूले भी नही थे कि ठीक 10 वें दिन हल्की बारिश होते ही पिंडर घाटी में एक बार फिर से पिछले 20 घंटों से अधिक समय से बिजली गुल हो गई हैं।         

पिछले कुछ वर्षों से पिंडर घाटी में बिजली सप्लाई के संबंध में एक धारणा आम हों गई हैं कि चाहें,गर्मी हों या जाड़ा अथवा बरसात आसमान में बादल आये नही और हल्की बूंदाबांदी अथवा हल्की हवा के चलते ही इस क्षेत्र के देवाल, थराली एवं नारायणबगड़ विकासखंडों की बिजली घंटों तक गुल हो जाना आम बात हो गई हैं। इसे देखते ही अब लोग मौसम के बदलते ही बूंदाबांदी अथवा हवा चलने की संभावना को देखते हुए अपने तमाम महत्वपूर्ण कामों को छोड कर रात के लिए बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ ही मोबाइल सहित अन्य बिजली आधारित उपकरणों को चार्ज करने में जुटने पर मजबूर होना पड़ जाता हैं।

ऊर्जा निगम इस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति के प्रति किस कदर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हैं इस का पता बीते जून महा में क्षेत्र में हुई बारिश के चलते 18 जून को पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों  की बिजली गुल हो गई थी,जोकि पूरे 5 दिनों बाद 22 जून को ही आ पाई थी।इस दौरान जहां ऊर्जा निगम के अधिकारी ग्वालदम-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर आमसौड़ के पास बीआरओ के द्वारा सड़क के चौड़ीकरण के कारण हुए भूस्खलन के कारण कई स्पान 33 केवी  बिजली लाईन के क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए इसके लिए बीआरओ एवं उसकी सड़क को कसूरवार ठहराते हुए अपनी कार्यप्रणाली का बचाव करते  रहे थे।

किंतु कि 10 दिनों के अंदर ही शुक्रवार 2 जुलाई को आई हल्की बारिश ने ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्य-प्रणाली पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की सांय करीब 4.30 बजे अचानक पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों की बिजली एक बार फिर गुल हो गई थी। जोकि 20 घंटों के बाद भी समाचार लिखे जाने तक बहाल नही हो सकी है।इस संबंध में ऊर्जा निगम के नारायणबगड़ वितरण खंड के एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि नारायणबगड़-सिमली (कर्णप्रयाण) के बीच 33 केवी बिजली लाईन पर फाल्ट आ जानें के कारण सप्लाई बाधित हुई हैं जिसे ठीक कर आपूर्ति सुचारू किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मौसम खराब होते ही आये दिन बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पूर्व दर्जाधारी मंत्री एवं थराली के पूर्व ब्लाक प्रमुख सुशील रावत, देवाल के पूर्व प्रमुख एवं कांग्रेसी नेता डीडी कुनियाल, पीसीसी महावीर बिष्ट आदि ने ऊर्जा निगम के आलाधिकारियों पर पिंडर घाटी क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब अधिकारी पिछले चार सालों से जब से पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के अनुसार गांव-गांव,घर-घर बिजली के कनेक्शन देने की योजना धरातल पर उतारी गई और ऊर्जा निगम को करोड़ों की धनराशि मुहैया करवाई गई।तभी से पिंडर घाटी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पटरी से उतरी हुई हैं।

नेताओं ने सिमली (कर्णप्रयाग) से सब स्टेशन देवाल तक 33 केवी बिजली लाईन पर प्रति वर्ष रखरखाव पर किए जाने वाली धनराशि की उच्चस्तरीय जांच किए जाने एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की हैं। उधर देवाल के प्रमुख दर्शन दानू ने भी उर्जा निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वें पिंडर घाटी को आने वाली 33 केवी बिजली लाईन के प्रति पूरी तरह से लापरवाही बरतने हुए हैं।कहा कि इस मामले को उच्च स्तर पर उठा कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाएंगे ताकि आये दिन बिजली को लेकर आने वाली समस्याओं का निराकरण हो सकें।

Share82SendTweet52
Previous Post

पुष्कर सिंह धामी होंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

Next Post

रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का हर गांव जुडेगा सड़क मार्ग से-भरत चौधरी

Related Posts

उत्तराखंड

वैज्ञानिकों का समर्थन, कहा आर्थिकी के साथ हिमालय को मिलेगी संजीवनी

May 16, 2026
6
उत्तराखंड

प्रखर राज्य आंदोलनकारी स्व. निर्मल पंडित

May 16, 2026
6
उत्तराखंड

*रानीपोखरी में दो दिवसीय बैडमिंटन प्रतियोगिता शुरू

May 16, 2026
15
उत्तराखंड

डोईवाला: जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर ग्रामीणों ने किया विरोध

May 16, 2026
55
उत्तराखंड

आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका होगी निर्णायक: गैरोला

May 16, 2026
34
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देवीधुरा में छात्र-छात्राओं से किया संवाद, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

May 16, 2026
6

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67685 shares
    Share 27074 Tweet 16921
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45778 shares
    Share 18311 Tweet 11445
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38053 shares
    Share 15221 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37444 shares
    Share 14978 Tweet 9361
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

वैज्ञानिकों का समर्थन, कहा आर्थिकी के साथ हिमालय को मिलेगी संजीवनी

May 16, 2026

प्रखर राज्य आंदोलनकारी स्व. निर्मल पंडित

May 16, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.