• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

हजारों की रोजी-रोटी पर बेदखली की तलवार

03/06/20
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
250
SHARES
313
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

फोटो-2013 की आपदा मे तबाह हुआ पुलना गाॅव, अब यहाॅ के ग्रामीणों पर घाॅधरिया से बेदखली की तलवार लटक रही है।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। हजारों लोगों की रोजी-रोटी के जरिये पर बेदखली की तलवार लटकने से परेशान भ्यूूॅडार वैली के ग्रामीणों ने अब डीएए व मुख्य सचिव से गुहार लगाई। हेमकुंड साहिब-लोकपाल व फूलों की घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरिया में गुरूद्वारा सहित 49 लोगों पर वन महकमे ने बेदखली की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वर्ष 1956 से पूर्व की छानियाॅ वर्ष 2019 आते-आते शहर में तब्दील हुए घाॅघरिया पर अब बेदखली की तलवार लटक गई है। इससे परेशान आपदा पीडित भ्यूूॅडार वैली के ग्रामीणों के साथ ही हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने भी घाॅधरियाॅ को बचाने की मुहिम शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा पूर्व मे दिए गए बेदखली के नोटिस के बाद इसी महीने अखबारों मे विज्ञप्ति प्रकाशित कर बेदखली का अंतिम ओदश जारी कर दिया। इससे परेशान भ्यॅूडार वैली व गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी ने डीएम व सीएस को ज्ञापन भेजकर घाॅघरिया की वस्तुस्थिति से विस्तार से अवगत कराया।
सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब व हिंदुओं के तीर्थ लोकपाल के साथ ही विश्व धरोहर फूलों की घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरिया मे बने होटल, रेस्टोरेंट व गुरूद्वारा परिसर आदि पर बेदखली की तलवार लटक रही हैं। दरसअल बीते वर्षो मे किसी संस्था द्वारा उच्च न्यायालय मे याचिका दायर कर वन उत्तराखंड मे वन भूमियों पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने पर कार्यवाही की मांग पर उच्च न्यायालय ने विभिन्न स्थानों पर हुए अतिक्रमणो को हटाने का आदेश जारी किया था। उसमे घाॅधरियाॅ भी प्रमुख है। यहाॅ वन विभाग ने पूर्व खाली करने का नोटिस थमाया था, और अब वन विभाग ने अखबारो मे वकायदा विज्ञिप्त जारी कर गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी सहित सभी 49लोगो के नाम उजागर करते हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने का आदेश जारी कर दिया है। इससे परेशान ग्रामीणों तथा गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी ने डीएम का सीएस को ज्ञापन भेजकर कहा है कि पुलना/भ्यूॅडार के ग्रामीण पूर्वकाल से ही ग्रीष्मकाल मे घाॅघरियाॅ मे अपने मवेशियों के साथ प्रवास करते थे। और अनादिकाल से ही घाॅघरिया से 6किमी की दूरी पर स्थित लोकपाल तीर्थ-लक्ष्मण मंदिर मे पूजा अर्चना करते आ रहे है । और अनादिकाल से ही यहाॅ पूजा पंरपरा का निर्बाध जारी रखने के लिए श्री बदरीनाथ मंदिर से दस्तूर भी दिया जाता रहा है। तब भी गाॅव से नियुक्त पूजा बारीदार व अन्य लोग घाॅधरियां मे ही प्रवास कर नित्य पूजाआंेें के लिए लोकपाल जाते थें और सायंकाल को वापस घाॅधरिया पंहुचते थे।
ज्ञापन मे कहा गया है कि बाद के वर्षो मे जब विश्व धरोहर फूलों की घाटी व हेमकुंड साहिब का प्रगटीकरण हुआ और दोनो स्थानो पर यात्रियों व पर्यटकों का आवागमन शुरू हुआ तो ग्रामीणों ने भी धीरे-धीरे अपनी छानियों को तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की सुविधानुसार पक्के निर्माण मे तब्दील किया। और गुरूद्वारा प्रबध कमेटी ने भी विस्तार किया। और इस दौरान किसी भी स्तर से निर्माण को रोकने के आदेश नही हुए। ज्ञापन के माध्यम से यह भी जानकारी दी गई है कि घाॅधरिया को वर्ष 1956मे सिविल भूमि मानते हुए ही गाॅव के तारा सिंह, वर्ष 1957मे किसन सिंह व वर्ष 1962मे नीती-माणा धर्मशाला के लिए बाला सिंह पाल के नाम से भी नजूल भूमि स्वीकृत हुई है।, इनके अलावा काली कमली ट्रस्ट, गुरूद्वारा श्री हेमकुंड ट्रस्ट, गढवाल मंडल विकास निगम आदि को भी लीज पर भूमि आवंटित हुई है।
घाॅघरिया मे ग्रामीणों की संख्या बढने व यात्रियों व पर्यटकों की आवाजाही मे आशातीत बृद्धि होने के कारण बाद के वर्षे मे वहाॅ पुलिस चैकी, जलागम को बहुदेश्यीय भवगन, उरेडा का विद्युत गृह, पर्यटन विभाग का पर्यटन सूचना केंन्द्र भवन, घोडा पडाव, व शौचालयों के निर्माण कराए गए है। स्वयं वन विभाग द्वारा भी विश्राम गृह के साथ इंटरेपेटेशन संेटर आदि का भी निर्माण किया है। यह भी उल्लेखनीय है कि वन महकमे ने ही पुष्कर सिंह चैहान व हरेन्द्र सिंह को भूमि लीज पर दी है। और घाॅघरिया मे सभी लोगो ने उक्त भूमि पर पक्के निर्माण कराए है। अब अचानक बेदखली का आदेश होने से पूरे क्षेत्र मे भारी आक्रोष है।
वर्ष 2013 की आपदा मे ग्रीष्मकालीन गाॅव भ्यॅूडार व शीतकालीन गाॅव पुलना दोनो का गॅवा चुके ग्रामीणो के पास रोजी-रोटी व परिवार के भरण-पोषण का एक मात्र साधन घाॅघरिया ही बचा है। जहाॅ अब बेदखली की तलवार लटक रही है। ऐंसे मे सरकार के सामने गुहार लगाने के अलावा इन ग्रामीणों के पास और कोई मार्ग भी नही है। हाॅलाकि वन विभाग द्वारा पहला नोटिस आने के बाद ही भ्यूॅडार के ग्रामीण मुख्य मंत्री , क्षेत्रीय विधायक, मुख्य सचिव, वन मंत्री से भेंट कर घाॅघरियां मे निर्मित भवनो व भूमि का नियमितीकरण कराने का आग्रह कर चुके थे। और नियमतिकरण की पत्रावली भी गतिमान है। लेकिन अचानक वन महकमे ने बेदखली की विज्ञप्ति प्रकाशित कर ग्रामीणों को पशोपेश मे डाल दिया है।
अब देखना होगा कि आपदा पीडित भ्यूॅडार के ग्रामीणों की सरकार किस स्तर तक मदद कर सकती है, इस पर न केवल भ्यूॅडार वैली ब्लकि हेमकुंड साहिब मैनेेजमेंट ट्रस्ट व पूरे सीमांत वासियों की नजरे रहेगी।

Share100SendTweet63
Previous Post

चमोली जिले में 16 सैंपल अब तक पाजिटिव, 365 की रिपोर्ट आना बाकी

Next Post

सिंहधार की महिलाओं ने मास्क निर्माण कार्य किया शुरू

Related Posts

अल्मोड़ा

निवेश के नाम पर जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं: 7,000 बीघा भूमि की लीज योजना रद्द करे सरकार”: पी सी तिवारी

September 8, 2026
11
उत्तराखंड

नेपाल त्रासदी ने हिमालयी क्षेत्र की बढ़ती जलवायु संवेदनशीलता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया

September 8, 2026
10
उत्तराखंड

भारत-चीन व्यापार: उत्तराखंड के लिपुलेख से व्यापारियों का दल चाइना में दाखिल

September 8, 2026
8
उत्तराखंड

1000 किमी साइकिलिंग चुनौती पूरी कर लौटे प्रदीप सिंह कैड़ा ने प्रबंध निदेशक से की भेंट

September 8, 2026
10
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति

September 8, 2026
5
उत्तराखंड

मुवानी घाटी में बटर फ्रृट की संभावना तलाश रहे बच्चे, वैज्ञानिक दे रहे निर्देशन

September 8, 2026
7

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67734 shares
    Share 27094 Tweet 16934
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45793 shares
    Share 18317 Tweet 11448
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38077 shares
    Share 15231 Tweet 9519
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37456 shares
    Share 14982 Tweet 9364
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37378 shares
    Share 14951 Tweet 9345

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

निवेश के नाम पर जमीन की लूट बर्दाश्त नहीं: 7,000 बीघा भूमि की लीज योजना रद्द करे सरकार”: पी सी तिवारी

September 8, 2026

नेपाल त्रासदी ने हिमालयी क्षेत्र की बढ़ती जलवायु संवेदनशीलता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया

September 8, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.