• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

स्वास्थ्य के लिए औषधीय गुणों से भरपूर जामुन

03/02/20
in उत्तराखंड, हेल्थ
Reading Time: 1min read
278
SHARES
347
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
जामुन एक सदाबहार वृक्ष है जिसके फल बैंगनी रंग के होते हैं। यह वृक्ष भारत एवं दक्षिण एशिया के अन्य देशों एवं इण्डोनेशिया आदि में पाया जाता है। इसे विभिन्न घरेलू नामों जैसे जामुन, राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि के नाम से जाना जाता है। प्रकृति में यह अम्लीय और कसैला होता है और स्वाद में मीठा होता है। जामुन एक मौसमी फल है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है। जामुन खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि।
इसकी प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रेक्टोज पाया जाता है। जामुन में खनिजों की मात्रा अधिक होती है। इसके बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। जामुन में आयरन, विटामिन और फाइबर पाया जाता है। आइए जानते हैं कि जामुन आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है। जामुन शरीर की पाचनशक्ति को मजबूत करता है। जामुन खाने से पेट संबंधित विकार कम होते हैं। मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर ठीक रहता है। जामुन में एंटी कैंसर के गुण भी पाए जाते हैं। कीमोथैरेपी और रेडिएशन में भी जामुन फायदेमंद होता है। जामुन का पका हुआ फल खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी से राहत मिलती है। लिवर के लिए जामुन का प्रयोग बहुत कारगर होता है। कब्ज और पेट के रोगों के लिए जामुन बहुत लाभदायी होता है। मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से छाले समाप्त हो जाते हैं। जामुन एक सदाबहार वृक्ष है जिसके फल बैंगनी रंग के होते हैं लगभग एक से दो सेमी. व्यास के द्य यह वृक्ष भारत एवं दक्षिण एशिया के अन्य देशों एवं इण्डोनेशिया आदि में पाया जाता है। प्रकृति में यह अम्लीय और कसैला होता है और स्वाद में मीठा होता है। अम्लीय प्रकृति के कारण सामान्यतः इसे नमक के साथ खाया जाता है। जामुन का फल 70 प्रतिशत खाने योग्य होता है। इसमें ग्लूकोज और फ्रक्टोज दो मुख्य स्रोत होते हैं। फल में खनिजों की संख्या अधिक होती है। अन्य फलों की तुलना में यह कम कैलोरी प्रदान करता है।
एक मध्यम आकार का जामुन 3.4 कैलोरी देता है। इस फल के बीज में काबरेहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम की अधिकता होती है। यह लोह का बड़ा स्रोत है। प्रति 100 ग्राम में एक से दो मिग्रा आयरन होता है। इसमें विटामिन बीए कैरोटिनए मैग्नीशियम और फाइबर होते हैं।काले काले स्वादिष्ट और मीठे जामुन खाने का आनंद शायद सभी ने लिया है। इसका एक अलग हल्का तोरा स्वाद सभी को पसंद आता है। इसको खाने के बाद जीभ के रंग बैंगनी हो जाता है। जून के महीने में और बारिश का मौसम शुरू होने पर ये खूब मिलते है। जामुन पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। और अब तो विदेशी भी इसके कायल हो गए है। जामुन के जूस का चलन विश्व भर में बढ़ता जा रहा है। ये लीवर के रोगों में बहुत फायदेमंद होता है। अपने स्वाद और औषधीय गुणों के कारण जामुन का एक अलग ही महत्त्व है। सेंधा नमक के साथ इसका सेवन भूख बढ़ाता है और पाचन क्रिया को तेज करता है बरसात के दिनों में हमारी पाचन संस्था कमजोर पड़ जाती है कारण हमारा मानना है कि बरसात यानि बस तली चीजें खाना कचौडी, पकोडे, समोसे इत्यादि जिसके कारण शुगर और बढ़ जाता है तथा पाचन क्रिया सुस्त हो जाती है।
आयुर्वेद के अनुसार जामुन की गुठली का चूर्ण मधुमेह में हितकर माना गया है, एक बार में 200 ग्राम से अधिक मात्रा में इस फल का सेवन नहीं करना चाहिए। खाली पेट जामुन खाने से पेट में दर्द और गैस बनने की शिकायतें संभव हैं, जामुन ही नहीं जामुन के पत्ते खाने से भी मधुमेह रोगियों को लाभ मिलता है। यहां तक की इसकी गुठली का चूर्ण बनाकर खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। पाचन शक्ति मजबूत करता है। इसलिए अगर आप इस मौसम में मौसम की मार से बचना चाहते हैं तो रोज जामुन खाएं। जामुन के मौसम में जामुन अवश्य खायें, कारण साल के बाकी के दिनों में आसानी से उपलब्ध नहीं होता, यदि होता भी है तो जो बात मौसमी फलों में होती है वह बेमौसम में नहीं होती सो जहां तक हो सके हर मौसम के फलों का लुत्फ मज़ा उसके मौसम में ही उठाएं तो ज्यादा अच्छा रहता है।
जामुन सामान्यतया अप्रैल से जुलाई माह तक सर्वत्र उपलब्ध रहते हैं। इसका न केवल फल, इसके वृक्ष की छाल, पत्ते और जामुन की गुठली अपने औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व रखते हैं। यह शीतल, एंटीबायोटिक, रुचिकर, पाचक, पित्त.कफ तथा रक्त विकारनाशक भी है। इसमें आयरन लौह तत्व, विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में होने से यह हृदय रोग, लीवर, अल्सर, मधुमेह, वीर्य दोष, खाँसी, कफ दमा, रक्त विकार, वमन, पीलिया, कब्ज, उदररोग, पित्त, वायु विकार, अतिसार, दाँत और मसूढ़ों के रोगों में विशेष लाभकारी है। जामुन खाने के तत्काल बाद दूध नहीं पीना चाहिए। पका जामुन खाने से पथरी रोग में आराम मिलता है। पेट भरकर नित्य जामुन खाये तो इससे यकृत के रोगों में लाभ होगा। मौसम जाने के बाद इसकी गुठली को सुखाकर पीसकर रख लें इसका पावडर इस्तेमाल करें वही फल वाला फायदा देगा। जामुन के औषधीय उपयोगपथरी जामुन का पका हुआ फल पथरी के रोगियों के लिए एक अच्छी रोग निवारक दवा है। यदि पथरी बन भी गई तो इसकी गुठली के चूर्ण का प्रयोग दही के साथ करने से लाभ मिलता है। लीवर जामुन का लगातार सेवन करने से यकृत लीवर की क्रिया में काफी सुधार होता कब्ज और उदर रोग में जामुन का सिरका उपयोग करें मुँह में छाले होने पर जामुन का रस लगाएँ वमन होने पर जामुन का रस सेवन करें भूख न लगती हो तो कुछ दिनों तक भूखे पेट जामुन का सेवन करें मुँहासे जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर में थोड़ा.सा गाय का दूध मिलाकर मुँहासों पर रात को लगा लें, सुबह ठंडे पानी से मुँह धो लें। कुछ ही दिनों में मुँहासे मिट जाएँगे मधुमेह मधुमेह के रोगियों के लिए भी जामुन अत्यधिक गुणकारी फल है, मधुमेह के रोगियों को नित्य जामुन खाना चाहियें जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर को फाँकने से मधुमेह में लाभ होता है। दस्त लगने पर जामुन के रस में सेंधा नमक मिलाकर इसका शर्बत बना कर पीना चाहियें। इसमें दस्त बाँधने की विशेष शक्ति है, खूनी दस्त बन्द हो जाते हैं। २० ग्राम जामुन की गुठली पानी में पीसकर आधा कप पानी में घोलकर सुबह.शाम दो बार पिलाने से खूनी दस्त बन्द हो जाते हैं मंदाग्नि एसिडिटी से बचने के लिए जामुन को काला नमक तथा भूने हुए जीरे के चूर्ण को लगाकर खाना चाहिए।
जामुन के वृक्ष की छाल को घिसकर कम से कम दिन में तीन बार पानी के साथ मिलाकर पीने से अपच दूर हो जाता है जामुन के वृक्ष की छाल को घिसकर एवं पानी के साथ मिश्रित कर प्रतिदिन सेवन करने से रक्त साफ होताहै। जामुन के वृक्ष की छाल को पीसकर एवं बकरी के दूध के साथ मिलाकर देने से डायरिया;दस्त का भयंकर रूप के रोगी को तुरंत आराम मिलता है। पेचिश में जामुन की गुठली के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दिन में दो से तीन बार लेने से काफी लाभ होता है अच्छी आवाज बरकरार रखने के लिए जामुन की गुठली के काढ़े से कुल्ला करना चाहिए जामुन की गुठली का चूर्ण आधा.आधा चम्मच दो बार पानी के साथ लगातार कुछ दिनों तक देने से बच्चों द्वारा बिस्तर गीला करने की आदत छूट जाती है। अध्ययन दर्शाते हैं कि जामुन में एंटीकैंसर गुण होता है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन मेंजामुनलाभकारीहोताहै। हृदय रोगों, डायबिटीज, उम्र बढ़ना और अर्थराइटिस में जामुन का उपयोग फायदेमंद होता है। जामुन का फल में खून को साफ करने वाले कई गुण होते हैं। जामुन भारत में काफी लोकप्रिय फल माना जाता है। जामुन खाने में स्वादिष्ट होता ही है साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं।
अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता हैं। जामुन के बहुत सरे स्वास्थ्य लाभ हैं। जामुन में विटामिन बी और आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता। बीस साल के अथक प्रयास के बाद वैज्ञानिकों ने जामुन की जामवंत किस्म विकसित की है जो मधुमेह की रोकथाम में कारगर तथा एंटीआक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से सम्बद्ध केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों ने करीब दो दशक के अनुसंधान के बाद जामवंत को तैयार किया है। इसमें कसैलापन नहीं है और 90 से 92 प्रतिशत तक गूदा होता है। इसकी गुठली बहुत छोटी है। जामुन के विशाल पेड़ की जगह इसके पेड़ को बौना और सघन शाखाओं वाला बनाया गया है। गुच्छों में फलने वाले इसके फल पकने पर गहरे बैगनी रंग के हो जाते हैं। इस किस्म को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जारी कर दिया गया है।
जामवंत ताजे फल और प्रसंस्करण दोनों के लिए उपयुक्त है। इसका अधिक गूदा प्रतिशत एवं छोटी गुठली उपभोक्ताओं को आकर्षित करती है और इसका बेहतर मूल्य मिलता है। संस्थान ने किसानों को जामुन के व्यावसायिक उत्पादन के लिए प्रशिक्षित किया है।
इसके पेड़ को छोटा रखने की तकनीक संस्थान में विकसित की गई है, जो इन ग्राफ्टेड पौधों को वांछनीय ऊंचाई पर बनाए रखने में मदद करता है। फल सामान्य ऊंचाई पर तोड़ने के लिए सामान्य व्यक्ति की पहुंच में होते हैं। ज्यादातर जामुन के पेड़ विशाल होते हैं। शाखाओं को हिलाकर या गिराए गए फलों की तुड़ाई करना मौजूदा प्रथा है लेकिन जामवंत के छोटे पेड़ों से कोई भी आसानी से फल तोड़ सकता है और जमीन पर गिरने के कारण फलों की बर्बादी नहीं होती है। लोगों की भागीदारी से गंगा नदी के किनारे बड़े पैमाने पर पौधा रोपण किया गया। अभियान के उपलक्ष्य में 100 से ज्यादा स्थानों पर औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश में इसे गंगा हरितिमा अभियान के साथ जोड़ा गया। इस दौरान मुख्यक रूप से कांजी, शीशम, फार्मेस, जामुन, अर्जुन, गुड़हल, सिरस, चितवन, आम, नीम, सेमल, जंगल जलेबी, गुलमोहर, कदम, सागवान, साल, माहोगनी, बड़, बांस, करोंदा, अश्वगंधा, करी पत्तार, जटरोफा, बेहेदा, धतुरा और सर्पगंधा जैसे पेड़ों के पौधे लगाए गए।

Share111SendTweet70
Previous Post

बलूनी क्लासेस की आल इंडिया टेस्ट सीरीज में उमड़ी छात्रों की भीड़

Next Post

भूमि पूजन के साथ कुबेर मंदिर पांडुकेश्वर का जीर्णोद्धार कार्य शुरू

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

July 26, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में लेखकों एवं साहित्यकारों से किया संवाद

July 26, 2026
15
उत्तराखंड

शिक्षा में अधिक सुव्यवस्थित, विश्वसनीय और ईमानदार दृष्टिकोण

July 26, 2026
7
उत्तराखंड

विश्वविद्यालयों में सालों से रिक्त पदों पर कार्यरत उपनल और संविदा कर्मी हों नियमित

July 26, 2026
63
उत्तराखंड

डोईवाला : गुमशुदा छह वर्षीय बालिका को दो घंटे में किया सकुशल बरामद

July 26, 2026
7
उत्तराखंड

सुयालकोट के भूस्खलन प्रभावित परिवारों की दस साल से सुधि न लेने पर पूर्व विधायक ने जताई नाराजगी

July 26, 2026
17

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67714 shares
    Share 27086 Tweet 16929
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38070 shares
    Share 15228 Tweet 9518
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी

July 26, 2026

मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में लेखकों एवं साहित्यकारों से किया संवाद

July 26, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.