
देहरादून, 2 मार्च, 2026. दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय संगीत समिति की ओर से सोमवार दिनांक 2 मार्च 2026 को होली के उपलक्ष में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में आकाशवाणी के टाॅप ग्रेड सितार वादक पंडित राॅबिन कर्माकर के नेतृत्व में आकाशवाणी के ग्रेडेड कलाकारों द्वारा होली के गीतों एवं नृत्यों के माध्यम से शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
इस अवसर पर कलाकारों द्वारा गढ़वाली, कुमाऊनी, रूहेलखण्डी, ब्रज, राजस्थानी होली गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने में मजबूर किया। कार्यक्रम का आरम्भ ”जय बोलो गिरिजा नन्दन की” लोकगीत द्वारा किया गया। तत्पश्चात् ”हर फूलों से मथुरा छाई रही”, ”आओ बृजराज खेले होली”, ”खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर”, ”खोल दे माता खोल भवानी”,”मेरो रंगीलो देवर घर ऐ रो छो”, ”मन मोहन नन्दकिशोर”, ”झनकारो झनकारो”,”होलिया में उड़े रे गुलाल” आदि प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत किए गए। इन गीतों के साथ श्रोता जमकर थिरके। इस शानदार कार्यक्रम में भाग लेनेवाले कलाकारों के नाम हैं- रेखा उनियाल, पुष्पा रावत, शिवानी कर्माकर, रेखा रावत, अमृता हालदार, सीमा बिष्ट, नीलम नेगी, लक्ष्मी मंडल, सुनीता बहुगुणा, सरिता कुलाश्री, विजया शर्मा, मीनू नेगी एवं योगिता पांथरी। संगत कलाकार थे- सैकत मंडल, संचारी पुरकायस्थ, आयुष्मान एवं प्रदीप शर्मा। मंच संचालन शांति बिंजोला एवं रक्षा बौड़ाई ने किया।
इस अवसर पर सामाजिक इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने उत्तराखण्ड की होली के सामाजिक ऐतिहासिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्वतीय होली अपनी कई विशेषताओं के साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे युगों से बनाये हुए आयी है।
इस अवसर पर शोध केन्द्र के कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रशेखर तिवारी,पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. डी. में पाण्डे,जेबी गोयल, डा. योगेश धस्माना, डॉ. लालता प्रसाद,सहित संगीतांजली संस्था ज्ञान प्रकाश, जागृति डोभाल, श्री देवेन्द्र काण्डपाल, जय प्रकाश खंकरियाल, डॉ. अरुण कुकसाल, जगदीश बाबला,सुंदर सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह महर, मधन सिंह बिष्ट युवा पाठक गण, आलोक सरीन, कुलभूषण, राकेश कुमार, हिमांशु, अनिल, विजय बहादुर आदि सहित इस अवसर पर रंगमण्डल में संगीतांजली संस्था के पदाधिकारी तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति दून पुस्तकालय के युवा पाठक उपस्थित रहे।












