रिपोर्टर-प्रियांशु सक्सेना
डोईवाला। एक वर्ष से भी अधिक समय से तीनों कृषि कानूनों की वापसी को लेकर किसान धरने पर बैठे थे। गुरु नानक जयंती के पर्व पर मोदी सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की गई थी।
11 दिसंबर को अधिकारी रूप से किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया और अपने तंबू हटाकर अपने.अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। डोईवाला के संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सरकार के खिलाफ अपनी इस जीत पर शनिवार को ढोल नगाड़ों के साथ पूरे क्षेत्र में विजय रैली निकाली गई।
तीनों कृषि कानून वापस लिए गए उसी की खुशी मे संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन मे यूकेडीए आम आदमी पार्टी एवं कांग्रेस के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं किसानों की खुशी में शामिल हुए व जोरो शोरो से ढोल नगाड़ों वह नाच गाने के साथ सभी को मिठाइयां खिलाकर मुंह मीठा कराया गया।
किसान नेता उमेद बोरा ने बताया कि दिल्ली में जो संयुक्त किसान मोर्चा की जीत हुईए हिटलर शाही सरकार द्वारा जो तीनों काले कृषि कानून वापस लिएए आज संयुक्त किसान मोर्चा डोईवाला ने अपनी खुशी जाहिर की गई है। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना किसानों के लिए बहुत ही बड़ी जीत है।
सेवादल प्रदेश अध्यक्ष हेमा पुरोहित ने सभी किसानों को जीत की मुबारकबाद दी और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार को सही निर्णय लेना नहीं आताए पहले तो वह ऊल जलूल फैसले ले लेती है उसके बाद जनता के दबाव में आकर उन्हें अपने गलत फैसलों को बदलना पड़ता है। तबतक आम जनता को काफी तख्ती और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस दौरान संयुक्त शान मोर्चा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा, अखिल भारतीय किसान सभा जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह, अहमद हुसैन, मोहम्मद अकरम, याकूब अली, गुरप्रीत सैनी, प्रवीण त्यागी, कमल अरोरा, पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, कांग्रेस जिला अध्यक्ष गौरव चौधरी, हेमा पुरोहित, मनोज नौटियाल, सावन राठौर, आप प्रदेश प्रवक्ता राजू मौर्या, विजय पाठक, प्यारा सिंह, यूकेडी से शिव प्रसाद सेमवाल, सीमा रावत आदि उपस्थित थे।












