• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

पार्किंसन की दवा के रास्ते में कोरोना बना बाधक

11/05/21
in उत्तराखंड, बागेश्वर
Reading Time: 1min read
188
SHARES
235
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

उत्तराखंड समाचार
नैनीताल में पढ़े व उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के मूल निवासी दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे युवा प्रोफेसर के रूप में प्रतिष्ठित डॉ. दीवान सिंह रावत ने लाइलाज पार्किंसन बीमारी की औषधि खोज निकाली है। उनकी अमेरिकन पेटेंट प्राप्त औषधि को अमेरिका की एक कंपनी बाजार में निकालेगी। इसके लिए डॉ. रावत का अमेरिकी कंपनी से करार हो गया है। औषधि विज्ञान के लिए यह बहुत बड़ी खोज बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि देश के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अमेरिका के राष्ट्रपति रोनाल्ड विलसन रीगन भी अपने अंतिम समय में, वर्षों तक इसी पार्किंसन नाम की लाइलाज बीमारी से पीड़ित रहे थे। उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही दुनिया में लाइलाज पार्किंसन की डॉ. रावत की खोजी हुई औषधि बाजार में आ जाएगी और भविष्य में वाजपेयी और रीगन सरीखे सभी खास व आम लोगों सहित पूरी मानव सभ्यता को इस जानलेवा व कष्टप्रद बीमारी से मुक्ति मिल पाएगी। इस संबंध में डा. दीवान सिंह रावत का कहना है कि यह सब दो साल पहले हो गया था, लेकिन अभी मार्केट में दवा नहीं आई है। मार्केट में दवा आने में चार साल लगने का अनुमान तब लगाया गया था, कोरोना की वजह से चीजें और पीछे चले जाने की संभावना दिखाई दे रही है।

डॉ. रावत ने बताया कि वैज्ञानिक कंपाउंड बनाते रहते हैं, किंतु करीब 10 हजार कंपाउंड बनाने पर एक कंपाउंड ही बाजार में आ पाता है और इस प्रक्रिया में 16 से 18 वर्ष लग जाते हैं। एक दवा बनाने में करीब 450 मिलियन डॉलर का खर्च आता है। ऐसे में अनेक वैज्ञानिक अपने पूरे सेवा काल में अपनी खोजी दवाओं को बाजार में लाने से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। लेकिन डॉ. रावत की खोज करीब सात वर्ष में और काफी कम खर्च में ही बाजार में आने जा रही है।

पहाड़ की कठिन परिस्थितियां व्यक्ति को इतना मजबूत कर देती हैं कि यहां के लोग कुछ भी ठान लें तो उसे पूरा करके ही मानते हैं। डॉ. रावत उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के ताकुला से आगे कठपुड़ियाछीना के पास दुर्गम गांव रैखोली के निवासी हैं। किसी भी आम पहाड़ी की तरह उन्होंने गांव में खेतों में हल जोतने से लेकर गोबर डॉलने तक हर कष्ट झेला है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव में ही हुई। नौवीं कक्षा के बाद डॉ. रावत नैनीताल आ गए और यहां भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय से 10वीं व 12वीं तथा आगे यहीं डीएसबी परिसर से 1993 में टॉप करते हुए एमएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से प्रो. डीएस भाकुनी के निर्देशन में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके बावजूद उन्हें दो वर्ष उद्योगों में प्राइवेट नौकरी भी करनी पड़ी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 1999 में अमेरिका चले गए और तीन वर्ष वहां रहकर अध्ययन आगे बढ़ाया। वापस लौटकर 2002 में मोहाली और फिर 2003 में अपनी प्रतिभा से सीधे प्रवेश कर दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे। 2010 में वे दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे युवा प्रोफेसर के रूप में भी प्रतिष्ठित हुए।

डॉ. रावत ने बताया कि 1987 में विश्व के सुप्रसिद्ध शोध जर्नल नेचर में एक शोध आलेख प्रकाशित हुआ था, जिसमें मलेरिया की दवाई क्लोरोक्वीन से पार्किंसन का उपचार संभव होने की बात कही गई थी, लेकिन क्योंकि यह बेहद कठिन कार्य था, इसिलए तब से किसी ने भी इस पर आगे कार्य नहीं किया। इधर डॉ. रावत को वर्ष 2012 में एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला था, जिसके तहत उन्होंने मलेरिया के उपचार में प्रयुक्त सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स पर कार्य करना प्रारंभ किया। इस बीच उनका संपर्क अमेरिका के बोस्टन स्थित मैक्लीन हॉस्पिटल के प्रो. किम से हुआ। जिनके साथ मिलकर उन्होंने अपने नये खोजे गए सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स का प्रो. किम की मदद से जानवरों पर परीक्षण प्रारंभ किया। इस दिशा में सफलता मिलने पर वर्ष 2014 में उन्हें पार्किंसन के उपचार के लिए धनराशि देने वाली अमेरिका की एमजी फॉक्स फाउंडेशन से दो वर्ष के लिए प्रोजेक्ट मिला। इस पर 2014 में ही उन्होंने अपने खोजे सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के लिए प्रो. किम के साथ अमेरिकी पेटेंट हासिल कर लिया। इसके बाद इन सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के पशुओं पर क्लीनिकल परीक्षण प्रारंभ हुए और आखिर पिछले वर्ष यानी 2019 में क्लीनिकल परीक्षण सफल घोषित हुए। इसके बाद इधर एक अमेरिकी कंपनी ने डॉ. रावत के खोजे सिंथेटिक मॉलीक्यूल्स के दवा बनाने के अधिकार डॉ. रावत से खरीद लिए हैं। इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दुनिया में लाइलाज पार्किंसन की डॉ. रावत की खोजी हुई औषधि बाजार में आ जाएगी।

इस संबंध में डा.दीवान सिंह रावत से बात हुई। उन्होंने बताया कि यह कोई आज की बात नहीं है। दो साल पहले यह सब हो गया था। तब प्री क्लिनिकल टायल और टेस्टिंग हुई थी। हमने अमेरिकन और यूरोपियन पेटेंट भी ले लिया था। जिस कंपनी से करार हुआ है, कंपनी का अनुमान था कि चार साल के अंदर दवा बाजार में आ जाएगी। कोरोना की वजह से इसमें और देरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ साइंस जनरल में इस साल के अंत तक एक रिसर्च पेपर आएगा।

Share75SendTweet47
Previous Post

पत्रकार फ्रंटलाइन कोरोना योद्धा, टीकाकरण शुरू

Next Post

मृत्यु दर के मामले में हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड टाप पर

Related Posts

उत्तराखंड

राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण में हीला-हवाली पर आंदोलनकारी मंच ने विरोध जताया

September 20, 2026
23
उत्तराखंड

श्री बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

September 20, 2026
5
उत्तराखंड

पंचगंगा में स्थित अपार श्रद्धा का केंद्र होमकुंड में बड़ीजात में शामिल चौसिंगा खांडुओं को कैलाश के लिए विदा किया

September 20, 2026
18
उत्तराखंड

देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री

September 20, 2026
4
उत्तराखंड

डॉ. हरीश चंद्र अंडोला को उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया

September 20, 2026
10
उत्तराखंड

सर्दियों में सीमा पर डटे हिमवीरों को बर्फ पिघलाकर नहीं पीना पड़ेगा पानी

September 20, 2026
4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67742 shares
    Share 27097 Tweet 16936
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38078 shares
    Share 15231 Tweet 9520
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37458 shares
    Share 14983 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37382 shares
    Share 14953 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण में हीला-हवाली पर आंदोलनकारी मंच ने विरोध जताया

September 20, 2026

श्री बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

September 20, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.