डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को शनिवार को सम्मानित किया गया। डोईवाला ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 100 से अधिक महिलाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा कि स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गांव की महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ें और अपनी आय में वृद्धि करें। खंड विकास अधिकारी परशुराम सकलानी ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़कर ऋण सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, लघु उद्योगों के लिए सहयोग एवं उत्पादों के विपणन की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि डोईवाला ब्लॉक में कई स्वयं सहायता समूह सफलतापूर्वक डेयरी, हस्तशिल्प, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई सहित अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और मिशन से प्राप्त लाभों की जानकारी दी। इस अवसर पर सूरज चमोली, अंकित मौर्य, आशीष बहुगुणा, देवयंती थपलियाल, तृप्ति बिंजोला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।











