रिपोर्ट – कमल बिष्ट/ उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार गढ़वाल। मानव एकता, सेवा और आध्यात्मिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 24 अप्रैल 2026 को कोटद्वार स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में ‘मानव एकता दिवस’ के उपलक्ष्य में भव्य संत समागम एवं विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में स्थानीय संगतों के साथ-साथ मटियाली, लैंसडौन, सतपुली एवं पौड़ी क्षेत्र से पधारने वाले संत-महात्मा भी सहभागिता करेंगे।
उनके आध्यात्मिक विचारों एवं सत्संग प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मानव एकता, प्रेम, सह-अस्तित्व और भाईचारे का संदेश मिलेगा। ब्रांच इंचार्ज बीरेंद्र सिंह रमोला ने बताया कि ‘मानव एकता दिवस’ संत निरंकारी मिशन के पूर्व प्रमुख बाबा गुरबचन सिंह जी एवं चाचा प्रताप सिंह जी की पावन स्मृति में मनाया जाता है। उनका संपूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा का अद्वितीय उदाहरण रहा है। उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेम, विनम्रता और परोपकार के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं। इसी क्रम में सन्त निरंकारी सत्संग भवन से कोटद्वार के मुख्य बाजार, झंडा चौक, लालबत्ती, पटेल मार्ग होते हुए तहसील परिसर तक जनजागरूकता अभियान के तहत भव्य रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया गया। इस दौरान विशाल जनरैली के माध्यम से मानव एकता, सेवा और रक्तदान के महत्व का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
इस अभियान में एनसीसी (NCC) कैडेट्स ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिससे कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया गया। कहा संत समागम के साथ आयोजित विशाल रक्तदान शिविर इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अपना योगदान देंगे। आयोजकों का कहना है कि रक्तदान महादान है, जो न केवल किसी के जीवन को नया अवसर देता है, बल्कि दानकर्ता को भी आत्मिक संतोष और सेवा का गौरव प्रदान करता है। उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन पिछले चार दशकों से रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देशभर में आयोजित हजारों रक्तदान शिविरों के माध्यम से मिशन ने मानव सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और अनगिनत लोगों को जीवनदान दिया है। निःसंदेह, यह पुण्य प्रयास सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की दिव्य शिक्षाओं का सजीव प्रतिबिंब है, जो मानव हृदय में प्रेम, एकत्व और सह-अस्तित्व की पावन ज्योति प्रज्वलित करता है। उनकी करुणामयी प्रेरणा प्रत्येक व्यक्ति को यह अनुभव कराती है कि सच्चा जीवन सेवा, विनम्रता और आपसी सद्भाव के मार्ग पर चलने में ही है। इस अवसर पर आयोजित संत समागम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक जागृति का माध्यम बनेगा, वहीं रक्तदान शिविर समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का संदेश देगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस पावन अवसर में भाग लेकर मानवता की सेवा में योगदान देने की अपील की है।











